

PCOS Foods to Avoid: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर पिंपल्स और हार्मोनल बदलाव जैसी परेशानियां होती हैं। लेकिन डाइट, लाइफस्टाइल व रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव करके इसके लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है।
पीसीओएस एक हार्मोनल कंडीशन है, जिसमें शरीर में इंसुलिन का इस्तेमाल और एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में बदलाव होता है। इसका असर पीरियड्स की नियमितता और मेटाबॉलिक हेल्थ पर पड़ता है। इस समस्या का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन संतुलित खानपान, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह से इसे आसान बनाया जा सकता है।
चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट फ्राइड फूड और बार-बार बाहर का तला हुआ खाना डाइट में प्रोसेस्ड फैट और कैलोरी ऐड करता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन लंबे समय में मेटाबॉलिक हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। पीसीओएस में कई महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए अपने खाने में कम प्रोसेस्ड और पौष्टिक आहार का चुनाव करना चाहिए।
बादाम, अखरोट, बीज, अंडा, मछली और कंप्लीट फूड को डाइट में शामिल करना चाहिए।
शुगरी ड्रिंक्स, मिठाइयां, पैकेज्ड जूस, चाय-कॉफी और दूसरे शुगर वाले खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन ब्लड शुगर और इंसुलिन को मैनेज करना मुश्किल बनाता है। पीसीओएस में शुगर का अधिक सेवन इंसुलिन रेजिस्टेंस को प्रभावित करता है। साथ ही वजन भी बढ़ता है। इसका मतलब यह नहीं कि मीठी चीज को बंद करनी होगी।
अपनी डाइट में साबुत फल, नौ शुगर दही, सादा दूध और कम मीठे स्नैक्स को अहमियत दें।
रेड मीट में प्रोटीन, आयरन और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं, लेकिन ज्यादा फैट वाले रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, हॉट डॉग और कुछ पैकेज्ड मीट प्रोडक्ट्स का बार-बार सेवन करने से बचना चाहिए। इनमें सैचुरेटेड फैट और सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जबकि प्रोसेस्ड मीट खाना ओवरऑल हेल्थ के लिए भी अच्छी नहीं होती है। इसकी जगह पर कम फैट वाला मीट, फिश, अंडे, दाल, चना, राजमा और दूसरे प्रोटीन स्रोत को अपनाना चाहिए।
जिन महिलाओं को पीसीओएस की समस्या है, उनके लिए शराब का सेवन उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है। साथ ही जिन्हें वजन, लिवर हेल्थ, ब्लड शुगर या ट्राइग्लिसराइड्स से जुड़ी समस्या है, उन्हें शराब का सेवन करने से बचना चाहिए। शराब शरीर के मेटाबॉलिज्म और नींद को भी प्रभावित करता है।
पीसीओएस को काफी हद तक लाइफस्टाइल में सुधार करके मैनेज किया जा सकता है। आपके प्लेट में सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, पर्याप्त प्रोटीन, नट्स और सीड्स जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ का होना ज्यादा जरूरी है। नियमित फिजिकल एक्टिविटी, पर्याप्त नींद और तनाव को मैनेज करना भी जरूरी है।