

Neck Movement Exercise: ऑफिस में घंटों लंबे समय तक बैठने से गर्दन को नुकसान हो जाता है। गर्दन के साथ ही रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचता हैं। गर्दन की मांसपेशियां इंसान को हर तरीके से सिर को अलग-अलग दिशाओं में घुमाने, चबाने, निगलने और सांस लेने में भी मदद करती हैं। इसे सही रखने के लिए आज हम एक खास तरीके की एक्सरसाइज की जानकारी दे रहे हैं जो आपको नेक यानी गर्दन के दर्द से निजात दिलाती हैं।
आपको बताते चलें कि, आयुष मंत्रालय ने गर्दन के लिए यह खास तरह की एक्सरसाइज के बारे में बताया है। नेक मूवमेंट वाली एक्सरसाइज खास होती है। आयुष मंत्रालय ने इस गर्दन की एक्सरसाइज के चार प्रकार बताए हैं। इनमें फ्लेक्सन (आगे की ओर झुकना), एक्सटेंशन (पीछे की ओर झुकना), साइड बेंडिंग (एक तरफ झुकना), और रोटेशन (घूमना)।
आपको इस एक्सरसाइज को करने के इसके चार स्टेप को जानना चाहिए जो इस प्रकार हैं...
गर्दन की मांसपेशियां खोपड़ी से लेकर कंधों और कॉलरबोन तक फैली होती हैं। ये मांसपेशियां सिर, गर्दन और रीढ़ के ऊपरी हिस्से को सहारा देती हैं, साथ ही चबाने, निगलने और सांस लेने जैसी गतिविधियों में मदद करती हैं। ये कंकालीय मांसपेशियां टेंडन के जरिए हड्डियों से जुड़ी होती हैं और स्वैच्छिक होती हैं, यानी इन्हें हम अपनी इच्छा से नियंत्रित कर सकते हैं। इन मांसपेशियों का जटिल मस्कुलोस्केलेटल तंत्र खोपड़ी को धड़ से जोड़ता है, जिससे विभिन्न गतिविधियां संभव हो पाती हैं।
--आईएएनएस इनपुट के अनुसार