

Workplace Health Tips During Monsoon: गर्मी का स्तर जिस प्रकार से दिनों दिन बढ़ता जा रहा है, बारिश की हल्की सी फुहार भी राहत देती है और बारिश में चाय-पकौड़े भी आनंद देते हैं, लेकिन यह भी सच है कि मानसून की बारिश के साथ-साथ कई बीमारियां भी हमारी लाइफ में दस्तक देती है।
मानसून अपने साथ कई तरह के इन्फेक्शन का खतरा भी लाता है। ऑफिस या काम की जगहों के लिए, इसका मतलब अक्सर अधिक छुट्टियां होती हैं। एक ही जगह पर काम करने वाले लोगों के बीच इन्फेक्शन का तेजी से फैलना बहुत लाजिमी है।
हर साल, देश भर में ऑफिस और काम की जगहों पर मौसमी वायरल इन्फेक्शन, फ्लू जैसी बीमारियों, पेट से जुड़ी बीमारियों और मच्छरों से होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और चिकनगुनिया के कारण कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी बढ़ जाती है।
एक मज़बूत इम्यून सिस्टम की शुरुआत सही खान-पान से होती है, चाहे ऑफिस में काम का कितना भी दबाव क्यों न हो। खाना छोड़ना, जल्दी-जल्दी स्नैक्स खाना या बाहर से अनहेल्दी खाना ऑर्डर करने से समय के साथ शरीर कमजोर हो सकता है।
इम्यून सिस्टम मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के सही संतुलन पर निर्भर करता है, जो शरीर को जरूरी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल देते हैं। डॉक्टर्स सोशल मीडिया पर सुझाए जाने वाले इम्यूनिटी बूस्टर्स से सावधान रहने की सलाह देते हैं। ये बूस्टर्स ज्यादातर महंगे होते हैं और इन पर पूरी तरह से रिसर्च या टेस्टिंग नहीं की गई होती है।
काम के दौरान अपना खाना साधारण लेकिन बैलेंस्ड रखें, जिसमें सब्ज़ियाँ, मौसमी फल, दालें, नट्स, डेयरी और साबुत अनाज शामिल हों। ये शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
देर रात तक काम की डेडलाइन, सुबह की मीटिंग और आने-जाने में लगने वाला लंबा समय नींद और इम्यूनिटी, दोनों पर बुरा असर डाल सकता है। अगर एक हफ्ते तक भी ठीक से नींद न आए, तो शरीर की इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ सकता है। काम करने वाले लोगों के लिए, 7-9 घंटे की नींद सिर्फ थकान मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि सुरक्षा भी है।
मानसून के दौरान वर्कप्लेस आसानी से सांस से जुड़ी बीमारियों के फैलने की जगह बन सकते हैं, खासकर बंद और एयर-कंडीशन्ड जगहों पर। ऐसे में जिन कर्मचारियों को बुखार, खांसी या फ़्लू जैसे लक्षण हों, वे जहां तक हो सके घर से काम करें या मास्क का उपयोग करें। बार-बार हाथ धोना, शेयर्ड डेस्क और सतहों की सफाई करना और वैक्सीनेशन के बारे में अपडेट रहना, बीमारी को फैलने से रोकने में मदद कर सकता है।
मानसून के दौरान काम पर होने वाली सबसे आम गलतियों में से एक है- पानी पीना भूल जाना। मौसम ठंडा होने पर कई लोगों को कम प्यास लगती है, खासकर तब जब वे घंटों एयर-कंडीशंड ऑफिस में बैठे रहते हैं। लेकिन डिहाइड्रेशन संक्रमण के खिलाफ शरीर की पहली डिफेंस लाइन को कमजोर करता है।
डिहाइड्रेशन शरीर की म्यूकोसल बैरियर्स को प्रभावित करता है, जो संक्रमण के खिलाफ शरीर की पहली सुरक्षा पंक्ति होती है। वे सलाह देते हैं कि दिन भर नियमित रूप से पानी पीते रहें और मीठे ड्रिंक्स कम लें।
वर्कप्लेस स्ट्रेस को अक्सर रोग प्रतिरोधक क्षमता से अलग समझा जाता है। अगर लंबे समय तक आप स्ट्रेस या मानसिक तनाव में रहेंगे, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है।
ऑफिस के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक, थोड़ी देर टहलना, व्यायाम करना और कार्यस्थल पर सामाजिक रूप से जुड़े रहना, ये सभी तनाव को कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
हालांकि कार्यस्थल पर मानसून के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता रातोंरात नहीं बनती, लेकिन कुछ छोटी आदतें जैसे- बेहतर खान-पान, पर्याप्त पानी पीना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित करने से इस मौसम में स्वस्थ रहा जा सकता है।