

How To Prevent Measles: खसरा एक ऐसा इंफेक्शन है, जो हवा के माध्यम से फैलता है और बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह वैश्विक स्तर पर समस्या बनी हुई है। खसरा से निपटने के लिए शीघ्र निदान, तुरंत उपचार और ठोस रोकथाम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
खसरा का वायरस बेहद संक्रामक होता है। यह इंफेक्शन खांसने या छींकने पर फैलता है, जिससे हवा में छोटी-छोटी बूंदें फैल जाती हैं। आमतौर पर, संक्रमण के एक या दो सप्ताह बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। सबसे पहले, तेज बुखार आता है और फिर सांस लेने में तकलीफ और स्किन में एक निश्चित क्रम में बदलाव आने लगते हैं। इसमें पहले बुखार, श्वसन संबंधी लक्षण और कंजंक्टिवाइटिस, जिसके बाद चेहरे व पूरे शरीर पर दाने निकलने लगते हैं।
आमतौर पर खसरा में संक्रमण के लक्षण 7 से 14 दिन बाद दिखाई देते हैं और एक निश्चित क्रम में विकसित होते हैं। खसरा तेज बुखार से शुरू होता है, जो अक्सर 104°F से अधिक होता है और इसमें खांसी, नाक बहना और लाल पानी वाली आंखों जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके बाद विशिष्ट कोप्लिक स्पॉट्स दिखाई देते हैं और बाद में त्वचा पर दाने फैल जाते हैं।
तेज बुखार, खांसी, नाक बहना और कंजंक्टिवाइटिस।
लक्षण शुरू होने के दो से तीन दिन बाद मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे दिखाई देते हैं।
3-5 दिन बाद लाल, धब्बेदार दाने निकलते हैं, जो बालों की जड़ों व चेहरे से शुरू होकर धड़ और हाथ-पैरों तक नीचे की ओर फैलते हैं। दानों के साथ बुखार भी बढ़ता है। इसके साथ पूरे शरीर में दर्द भी हो सकता है।
कुछ रोगियों को भूख न लगना, कमजोरी या सूजी हुई लसीका ग्रंथियों का अनुभव हो सकता है। चकत्ते निकलने के बाद, इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे अन्य संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।