

बाल झड़ने की वजह जानने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार आयरन, थायरॉइड और पोषक तत्वों की कमी की जांच कराते हैं।
हर व्यक्ति को सभी टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती।
किसी भी टेस्ट को कराने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
Tests Before Hair Supplements: बाल झड़ने की समस्या होने पर कई लोग सबसे पहले हेयर ग्रोथ सप्लीमेंट, बायोटिन कैप्सूल या मल्टीविटामिन लेना शुरू कर देते हैं। बाजार में मिलने वाले ऐसे उत्पादों को अक्सर मजबूत और घने बालों के लिए फायदेमंद होने का दावा किया जाता है। लेकिन, हर किसी में हेयर फ7ल का कारण एक ही नहीं होता है। इसकी वजह शरीर में आयरन की कमी, थायरॉइड की समस्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, तनाव, बीमारी या बालों से जुड़ी कोई दूसरी समस्या हो सकती है।
ऐसे में बिना कारण जाने सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक, डॉक्टर बालों और सिर की त्वचा की जांच करने के बाद जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं। कौन सा टेस्ट कराना है, यह बाल झड़ने के पैटर्न, दूसरे लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर तय किया जाता है।
CBC यानी कम्प्लीट ब्लड काउंट एक सामान्य ब्लड टेस्ट है। इससे हीमोग्लोबिन और ब्लड सेल से जुड़ी जानकारियां मिलती है। अगर बाल झड़ने के साथ थकान, कमजोरी, सांस फूलना या पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग जैसी समस्या भी है, तो डॉक्टर इस जांच की सलाह दे सकते हैं।
आयरन की कमी बाल झड़ने के संभावित कारणों में से एक है। शरीर में आयरन की मात्रा समझने के लिए डॉक्टर सीरम फेरिटिनिन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। खासकर उन लोगों के लिए यह जांच उपयोगी है, जिन्हें पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लड आते हैं, ऐसे में आयरन की कमी की शिकायत हो सकती है।
फेरिटिन का स्तर सूजन या कुछ दूसरी स्थितियों में भी प्रभावित होता है। केवल बाल झड़ने के आधार पर आयरन की गोलियां शुरू न करें। जरूरत से ज्यादा आयरन लेना नुकसानदेह हो सकता है।
थायरॉइड की गड़बड़ी होने पर बाल पतले होने या झड़ने की समस्या भी हो सकती है। अगर बाल झड़ने के साथ वजन में बिना वजह बदलाव, थकान, ठंड या गर्मी ज्यादा लगना और मासिक धर्म में बदलाव जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर थायरॉइड की जांच कराने का सुझाव देते हैं।
आमतौर पर शुरुआती जांच में TSH टेस्ट किया जाता है। लक्षणों और TSH के नतीजे के अनुसार डॉक्टर आघे की जांच लिख सकते हैं।
विटामिन B12 और विटामिन D की जांच हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन अगर खानपान सीमित है, शरीर में पोषक तत्वों की कमी है या दूसरे लक्षण भी मौजूद हैं, तो डॉक्टर इनकी जांच कराने पर विचार करते हैं। उदाहरण के लिए, B12 की कमी में थकान, कमजोरी या हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसे लक्षण हो सकते हैं।
जिंक शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी मिनरल है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। अगर लंबे समय से बहुत सीमित खानपान है, पोषक तत्वों के अवशोषण से जुड़ी समस्या है या डॉक्टर को किसी खास कमी का संदेह है, तो वह जिंक या अन्य पोषक तत्वों की जांच की सलाह देते हैं।
खुद से आयरन, जिंक या हाई-डोज विटामिन शुरू न करें।
डॉक्टर को अपनी डाइट, पीरियड्स, हाल की बीमारी, वजन में बदलाव और ली जा रही दवाओं के बारे में बताएं।
पहले से सप्लीमेंट ले रही हैं, तो जांच से पहले डॉक्टर और लैब को इसकी जानकारी दें।
केवल ब्लड टेस्ट के नतीजे नहीं, बल्कि बाल झड़ने का पैटर्न और सिर की त्वचा की स्थिति भी जरूरी है।