

Eye Care Tips: आज की बिजी लाइफ स्टाइल में घंटों मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के सामने समय बिताना आम बात हो गई है। इसका सबसे गहरा असर हमारी आंखों की सेहत पर पड़ता है।
कम उम्र में चश्मा लगना, आंखों में जलन, सूखापन और धुंधला दिखाई देना जैसी आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए आंखों की देखभाल के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना सही नहीं है, इसके लिए योग जैसे नेचुरल तरीकों को भी अपनाया जाना चाहिए। आंखों के लिए त्राटक क्रिया बेहद लाभकारी माना जाता है।
त्राटक क्रिया योग की एक मेडिटेशन तकनीक है, जिसे आंखों की शुद्धि होती है और एकाग्रता बढ़ती है। इस योग क्रिया में किसी एक बिंदु या वस्तु पर बिना पलक झपकाए फोकस करना होता है। आंखों की मांसपेशियों को एक्टिव करने के लिए आंखों की पुतलियों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं घुमाने का प्रयास करना चाहिए।
इस अभ्यास को रोजाना 2 से 3 मिनट के लिए 3-5 राउंड तक करना चाहिए। आंखों को क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज घुमाने से आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिलती है।
वैसे तो त्राटक क्रिया सभी के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन कुछ लोगों को इसे करने से अवॉयड करना चाहिए। जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या रहती है, वैसे लोगों को अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
इसी तरह, सिजोफ्रेनिया, मतिभ्रम या अन्य गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी यह अभ्यास बिना विशेषज्ञ की सलाह लिए नहीं करना चाहिए।
इसके नियमित रूप से सही तरीके से किए जाने पर कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं। यह मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मन को शांत रखने में मदद करता है। इसके अलावा अच्छी नींद, नकारात्मक विचारों को कम करने और गुस्से को नियंत्रित करने में भी यह उपयोगी है।
योग के साथ-साथ संतुलित आहार भी आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। आंवला विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भोजन में विटामिन A और विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें।
दिनभर स्क्रीन पर काम करने वालों को समय-समय पर आंखों को आराम देना चाहिए। इसके अलावा दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म करें और फिर बंद आंखों पर कुछ सेकंड के लिए रखा जाता है। इससे आंखों को आराम महसूस होता है।