

Swasth Bharat Portal को लांच करने के पीछे केंद्र सरकार का मकसद सभी सरकारी हेल्थ सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इससे मरीज, डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी व हेल्थ सेक्टर से जुड़े सभी कर्मियों को एक ही जगह पर कई तरह के लाभ मिल सकेंगे। बुधवार को इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी गई।
इस स्वास्थ्य पोर्टल को एपीआई-आधारित एग्रीगेटर (API based Aggregator) प्लेटफॉर्म के रूप में डिजाइन किया गया है। इससे अलग-अलग सिस्टम और बिखरे हुए डेटा सेट को एक जगह लाने में मदद मिलेगी। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सबसे बड़ा फायदा यह है कि बार-बार एक ही डेटा अलग-अलग भरने की आवश्यकता नहीं होगी। इस पोर्टल पर सभी स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि काम करने में आसानी हो और अलग-अलग एप्लिकेशन के बीच सामंजस्य बेहतर हो। स्वास्थ्य संबंधी सभी सरकारी योजनाएं एक ही इंटरफेस पर उपलब्ध होगी, जिससे बार-बार लॉग इन और डेटा एंट्री की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इससे पूरा प्रोसेस फास्ट होगा और काम समय से समाप्त होगा।
इस पोर्टल के लांच से पहले भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले सभी फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स, जैसे आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स, दाई, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, सीएचओ, और मेडिकल अधिकारी, को रिपोर्टिंग के लिए कई अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करना पड़ता था। जिससे समय की बर्बादी होती थी। इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
इस वन स्टॉप पोर्टल को 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' के तहत तैयार किया गया है और 'आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट' के साथ भी जोड़ा गया है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से साझा किए जा सकेंगे। उम्मीद है कि इस प्लेटफ़ॉर्म की मदद से डेटा एंट्री में लगने वाला समय 20-40 फीसदी तक कम हो जाएगा। आ वाले समय में इसमें कई और डेटाबेस को जोड़ा जाएगा।