सावधान! डायबिटीज मरीजों के लिए खतरनाक साबित होता है स्तन कैंसर, नई स्टडी में हुआ खुलासा

Healthy Tips in Hindi: स्तन कैंसर का सबसे ज्यादा असर उन महिलाओं को होता है जो डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे है। दरअसल यह नई रिसर्च अमेरिका में बोस्टन विश्वविद्यालय के वैज्ञानकों ने की है।
डायबिटीज मरीजों को हो सकता है स्तन कैंसर का खतरा
स्तन कैंसर (सौ. डिजाइन फोटो)
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नई दिल्ली: सेहत का अच्छी तरह से ख्याल रखने के बाद भी कई बीमारियां शरीर को नुकसान पहुंचा ही देती है। हाल ही में एक रिसर्च की ताजा स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस खुलासे के मुताबिक, मोटापे से जुड़े टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए स्तन कैंसर और भी खतरनाक हो सकता है। स्तन कैंसर का सबसे ज्यादा असर उन महिलाओं को होता है जो डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे है। दरअसल यह नई रिसर्च अमेरिका में बोस्टन विश्वविद्यालय के वैज्ञानकों ने की है। चलिए जानते है कैसी प्रभावित करती है यह स्टडी।

क्या हुआ नई स्टडी में खुलासा

अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने जानकारी दी है। इसके अनुसार, बताया है, खून में मौजूद छोटे कण (जिन्हें एक्सोसोम के नाम से जाना जाता है) डायबिटीज में बदल जाते हैं। साथ ही ये एक्सोसोम ट्यूमर के अंदर प्रतिरक्षा कोशिकाओं को री-प्रोग्राम कर सकते हैं, उन्हें कमजोर बनाते हैं और कैंसर बढ़ने का कारण बन सकते हैं। आगे बोस्टन विश्वविद्यालय के अन्य प्रोफेसर गेराल्ड डेनिस ने कहा, "स्तन कैंसर का इलाज पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, लेकिन डॉक्टर पूरी तरह से समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसा क्यों है।

क्या मिल सकती है मदद

यहां पर रिसर्च को लेकर प्रोफेसर डेनिस आगे बताते है कि, डायबिटीज और स्तन कैंसर दोनों ही बीमारियां व्यक्ति को पूरी तरह से कमजोर करके रख देती है। यह एक संभावित कारण का खुलासा करता है। इसके अनुसार, मधुमेह (डायबिटीज) ट्यूमर के अंदर प्रतिरक्षा प्रणाली के काम करने के तरीके को बदल देता है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि इम्यूनोथेरेपी जैसे नए उपचार मधुमेह रोगियों पर उतने प्रभावी क्यों नहीं होते। साथ ही लाखों लोगों के बेहतर इलाज के द्वार खुलते हैं।"

कैसे की इस स्थिति की जांच

दरअसल स्तन कैंसर और डायबिटीज की बीमारी को लेकर अध्ययन अमेरिका में किया था। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में 3डी ट्यूमर मॉडल विकसित करने के लिए स्तन कैंसर के मरीजों के ट्यूमर के सैंपल लिए। इन छोटे ट्यूमर को दो तरह के खून से बने एक्सोसोम से ट्रीट किया गया। एक डायबिटीज पीड़ित मरीजों का और दूसरा बिना डायबिटीज वाले रोगियों का। स्टडी के बाद नतीजों में साफ नजर आया है कि, डायबिटीज वाले मरीजों का खून इम्यून कोशिकाओं को दबा देता है और ट्यूमर को और ज्यादा ताकतवर बना देता है।

इस स्टडी के सामने आने के बाद साबित हुआ है कि, टाइप 2 डायबिटीज स्तन कैंसर को और ज्यादा आक्रामक बना सकता है। यह न सिर्फ स्तन कैंसर बल्कि अन्य कैंसर पर भी लागू हो सकता है।

आईएएनएस के अनुसार

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