Health Tips: फल खाने का भी होता है सही समय! ये गलत आदतें बन सकती हैं बीमारी की वजह

Fruit Eating Tips: फल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन इन्हें गलत समय या गलत तरीके से खाने पर फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में फल खाने का सही समय और तरीका जानना बेहद जरूरी है।
Wrong Fruit Eating Habits
फलों की तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
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Right Time To Eat Fruits: स्वस्थ जीवन के लिए आहार और जीवनशैली के कड़े नियम बताए गए हैं। फल विटामिन और मिनरल्स का भंडार हैं लेकिन इनका पूरा लाभ तभी मिलता है जब इन्हें शरीर की प्रवृत्ति (वात, पित्त, कफ) और सही समय के अनुसार खाया जाए। गलत तरीके से फल खाना शरीर में दोष बढ़ा सकता है।

फल प्रकृति का अनमोल उपहार हैं लेकिन डिजिटल युग की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर इनके सेवन का सही तरीका भूल जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार फल खाना जितना लाभदायक है उन्हें सही समय और सही ढंग से खाना उतना ही अनिवार्य है। यदि नियमों का पालन न किया जाए तो यही फल पोषण देने के बजाय शरीर में बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

सावधानी है जरूरी

आने वाले गर्मी के महीनों में आम का सीजन शुरू होने वाला है। आयुर्वेद कहता है कि हमेशा पका हुआ आम ही खाना चाहिए क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा देता है। वहीं कच्चा आम शरीर में पित्त की वृद्धि करता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं हर घर में पसंद किया जाने वाला केला शरीर में कफ बढ़ाता है। इसलिए जिन लोगों की प्रवृत्ति कफ वाली है उन्हें केले का सेवन बहुत ही सीमित मात्रा में करना चाहिए।

Wrong Fruit Eating Habits
फल खाते समय सही तरीका (सौ. फ्रीपिक)

भूलकर भी न करें ये गलती

आजकल फ्रूट शेक और स्मूदी का चलन काफी बढ़ गया है लेकिन आयुर्वेद इसे विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखता है। फल और दूध का मेल शरीर के लिए विष के समान हो सकता है जो पाचन को बिगाड़कर त्वचा संबंधी रोगों का कारण बन सकता है। इसके अलावा फलों के जूस की तुलना में उन्हें साबुत खाना ज्यादा फायदेमंद है। जूस निकालने से फलों का जरूरी फाइबर बाहर निकल जाता है जिससे शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

क्या है फल खाने का सही समय

फलों का सेवन कभी भी सुबह खाली पेट नहीं करना चाहिए। नाश्ता करने के कुछ समय बाद या दोपहर के भोजन के बीच का समय फल खाने के लिए सबसे उत्तम है। सूर्य ढलने के बाद फलों के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इस समय शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। वात दोष वाले लोगों के लिए खजूर और अंगूर जैसे फल विशेष रूप से लाभकारी बताए गए हैं।

स्वस्थ रहने के लिए हमेशा मौसमी और प्राकृतिक रूप से पके हुए फलों का ही चुनाव करें। एक समय में एक ही प्रकार का फल खाना पाचन तंत्र के लिए बेहतर होता है। इन सरल नियमों को अपनाकर आप न केवल ऊर्जावान महसूस करेंगे बल्कि लंबी आयु और निरोगी जीवन भी प्राप्त कर सकेंगे।

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