

Hartalika Teej Ganesh Chaturthi Same Day: इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ रहे हैं। तीज की पूजा सुबह और गणपति स्थापना की पूजा दोपहर के समय होने से दोनों त्योहारों की तैयारियों का काम एक साथ ही हो गया है। ऐसे में यदि इसे थोड़ा प्लान करके किया जाए, तो दिनभर की भागदौड़ कम की जा सकती है।
अगर घर में तीज का व्रत भी है और बप्पा की स्थापना भी करनी है, तो सबसे जरूरी है कि सारा काम उसी दिन के लिए न छोड़ें। पूजा सामग्री, सजावट और खाने-पीने की तैयारी एक दिन पहले कर लें।
सबसे पहले एक कागज पर दो हिस्से बना लें। एक तरफ हरतालिका तीज और दूसरी तरफ गणपति स्थापना। तीज के लिए पूजा सामग्री, श्रृंगार का सामान, फल, फूल, पत्ते और भोग की चीजें अलग रख दें। तीज की पूजा में शिव-पार्वती और गणेशजी की पूजा की परंपरा होती है, इसलिए कई सामग्री दोनों पूजा में काम आ सकती है।
दूसरी ओर, गणपति के लिए मूर्ति, आसन, फूल, दूर्वा, मोदक/भोग, कलश और आरती की थाली पहले से तैयार रखें।
गणपति का कोना एक दिन पहले ही तैयार कर लें। घर में मौजूद साड़ी, दुपट्टे या कपड़े को बैकड्रॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। फूल, दीये और घर की छोटी सजावटी चीजों से भी खूबसूरत मंडप तैयार किया जा सकता है।
अगर आप हरतालिका तीज का व्रत रख रही हैं तो सुबह उठकर तैयार होने, पूजा की जगह साफ करने और पूजा सामग्री लगाने का काम पहले करें। तीज पूजा का समय सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक बताया गया है। सुबह की पूजा के बाद तीज की बाकी चीजें समेटकर गणपति की पूजा तैयारी की जा सकती है।
त्यौहार के दिन खाना सबसे जरूरी हिस्सा है। अगर आप व्रत में हैं तो आपके लिए खाना बनाना और बाकी परिवार के लिए अलग खाना बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए एक दिन पहले ही तय कर लें कि घर में क्या बनेगा। बहुत ज्यादा पकवान बनाने की जरूरत नहीं है। एक सब्जी, दाल, चावल/रोटी और कोई आसान मीठी चीज काफी है। इसमें किसी की मदद भी ली जा सकती है।
गणपति के लिए कई तरह के पकवान बनाने का दबाव न लें। घर की परंपरा में जो भोग लगाया जाता है, वही रखें। अगर मोदक बनाना है तो उसकी तैयारी एक दिन पहले कर लें। नारियल भरावन, आटा या बाकी सामग्री पहले से तैयार होने पर गणपति स्थापना के दिन काम काफी हद तक कम हो जाता है। एक ही दिन में 4-5 तरह के भोग बनाने की बजाय एक खास भोग बनाना ज्यादा आसान रहेगा।
सुबह तीज की थाली और दोपहर की गणपति पूजा की थाली अलग-अलग तैयार करके रख दें। इसमें फूल, अक्षत, रोली, दीपक, अगरबत्ती, फल और पूजा में इस्तेमाल होने वाली बाकी चीजें पहले से तैयार करके रखी जा सकती हैं।
अगर घर में परिवार के दूसरे सदस्य हैं तो काम बांट दें।
कोई सदस्य फूल और फल ले आए।
बच्चे पूजा की जगह साफ करने और सजावट में मदद करें।
कोई एक व्यक्ति आरती की थाली और भोग संभाल ले।
गणपति की स्थापना वाली जगह पहले से तैयार कर दें।
तीज की तृतीया तिथि सुबह समाप्त होने के बाद चतुर्थी शुरू होती है और गणपति पूजा दोपहर के समय की जाती है। इसलिए दोनों त्योहारों की तैयारी को अलग-अलग समय पर करना आपके लिए आसान होगा। दो त्योहार एक दिन पड़ रहे हैं, तो इसलिए घर में हर चीज दोगुनी न लाएं। पूजा की जरूरी सामग्री पहले जुटाएं, सजावट आसान रखें, खाना सीमित रखें और काम बांट दें। इससे तीज का व्रत भी बिना अनावश्यक थकान के होगा और बप्पा का स्वागत भी अच्छे से हो जाएगा।