
Ganesh Chaturthi Special Thali: गणेश चतुर्थी का त्योहार सिर्फ पूजा-पाठ और सजावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इस दौरान दोस्त-रिश्तेदार एक-दूसरे से मिलते हैं। घर में तरह-तरह के पकवान बनते हैं। इस दिन घर में बनने वाले खास पकवान भी उत्सव का हिस्सा होते हैं। कई घरों में बप्पा के लिए बगैर प्याज-लहसुन के सात्विक भोग तैयार किया जाता है।
अगर आप इस बार गणेश चतुर्थी के दिन लंच के लिए एक ऐसी थाली बनाना चाहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ त्योहार के लिए परफेक्ट हो, तो इन 7 पकवानों को शामिल कर सकते हैं।
गणेश चतुर्थी की थाली में गरमागरम पूरियां और आलू की हल्की मसाले वाली सब्जी एक बढ़िया कॉम्बिनेशन है। आप इसमें प्याज-लहसुन की जगह जीरा, हींग और हरा धनिया डालकर स्वाद बढ़ा सकती हैं।
थाली में एक कटोरी दाल जरूर रखें। महाराष्ट्रियन अंदाज में सादा वरण यानी तुअर दाल को घी और जीरे के तड़के के साथ बनाया जा सकता है। इसे चावल के साथ परोसें। सात्विक थाली में दाल-चावल का यह कॉम्बिनेशन सभी को पसंद आएगा।
सादे चावल की जगह हल्का जीरा राइस थाली को और स्वादिष्ट बना सकता है। इसमें बहुत ज्यादा मसाले डालने की जरूरत नहीं है। घी, जीरा और थोड़े हरे धनिये से ही अच्छी खुशबू और स्वाद आ जाता है।
पूरी और सब्जी के साथ ठंडा-ठंडा ककड़ी का रायता थाली को बैलेंस करेगा। दही में कद्दूकस की हुई ककड़ी, सेंधा नमक और थोड़ा भुना जीरा डालकर इसे तैयार कर सकते हैं।
थाली में एक सूखी या हल्की ग्रेवी वाली मौसमी सब्जी रखें। गोभी, भिंडी, आलू या दूसरी पसंदीदा सब्जी को कम मसालों में अदरक-मिर्च के साथ बनाकर शामिल किया जा सकता है।
गणपति की थाली मोदक के बिना अधूरी लगती है। चावल के आटे की लेयर और नारियल व गुड़ की फिलिंग के साथ बनाए गए उकड़ीचे मोदक गणेश चतुर्थी की खास पहचान हैं।
अंत में मीठे के लिए चावल की खीर या पायसम बनाया जा सकता है। दूध, चावल, इलायची और ड्राई फ्रूट्स से बनी खीर त्योहार की थाली को कंप्लीट बनाती है।