

Global Day Of Parents 2026: ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। इस दिन का ऐलान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में किया था। वैश्विक दिवस के पीछे का उद्देश्य दुनिया भर के माता-पिता को सम्मान देना तय किया गया। ये दिन बच्चों और माता-पिता के अनमोल रिश्तों को सेलिब्रेट करने का
जीवन में माता पिता का खास महत्व होता है। जब एक बच्चा जन्म लेता है तब से उसके जीवन के हर मोड़ पर उसे माता पिता की जरूरत पड़ती है। यहां तक की शुरुआती शिक्षा भी उसे माता पिता से ही मिलती है, जो जीवन भर आगे बढ़ने में उनकी मदद करते हैं।
इस दिन की शुरूआत 1994 में हुई थी। यह वह समय था जब समाज धीरे-धीरे Self centric होने लगा था, लोग माता पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से भागने लगे थे। तब अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पारिवारिक प्रतिबद्धता और माता-पिता की जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए माता-पिता दिवस मनाने के लिए कांग्रेस के एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया था। इस विचार को यूनिफिकेशन चर्च, सीनेटर ट्रेंट लॉट ने समर्थन दिया और बिल को सीनेट में पेश किया गया। इसकी आधिकारिक घोषणा 1 जून साल 2012 में यूएन जनरल असेंबली में की गई।
हर साल की तरह इस साल भी ‘ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स’ का एक खास थीम दिया गया है जो है- ‘माता-पिता के लिए एक साथ’। अपने और अपने परिवार के मानसिक और शारीरिक कल्याण के बारे में जागरूक होने के लिए पारिवारिक जागरूकता बहुत ही जरूरी है। अपने परिवार के सदस्यों के साथ जहां तक हो सके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नजर रखें और इस विषय पर चर्चा करें। यही नहीं, कठिन दौर में एक-दूसरे की मदद को हमेशा तैयार रहें।
अपने बच्चों के लिए पेरेंट्स हमेशा से त्याग करते आए हैं और कई तरह की परेशानियां उठाते हुए अपने बच्चों पर कोई आंच नहीं आने देते हैं। परिवार में एक पारिवारिक माहौल भी पेरेंट्स की बदौलत ही मिलता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने पेरेंट्स को सम्मान दें, उन्हें समझें और उनके जीवन को आसान बनाने में उनकी मदद करें। उन्हें एहसास दिलाएं कि वे आपके जीवन में कितना महत्व रखते हैं। ग्लोबल पेरेंट्स डे से परिवार के साथ बच्चों के पोषण और संरक्षण में माता-पिता की एक प्राथमिक जिम्मेदारी की अहमियत समझ में आती है। माता-पिता बच्चों के लिए किसी भगवान से कम नहीं होते। आज का खास दिन उनके बलिदान, त्याग और तपस्या की सराहना करने का एक विशेष मौका है।