

Gulkand Milk Benefits: जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है वैसे-वैसे शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मौसम में लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा का सहारा लेते हैं जो प्यास तो बुझाते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय खान-पान में छिपा गुलकंद दूध एक वरदान की तरह सामने आता है। यह न केवल एक ताज़ा ड्रिंक है बल्कि इसके औषधीय गुण गर्मियों की कई समस्याओं का प्राकृतिक समाधान भी हैं।
गुलकंद मुख्य रूप से गुलाब की पंखुड़ियों को प्राकृतिक मिठास के साथ संरक्षित करके बनाया जाता है। आयुर्वेद में इसे इसकी ठंडी तासीर के लिए जाना जाता है। जब इस मीठे गुलाब के प्रीजर्व को ठंडे दूध के साथ मिलाया जाता है तो यह एक स्मूथ और मलाईदार ड्रिंक बन जाता है जो शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है।
अक्सर लोग इसे सामान्य रोज मिल्क समझ लेते हैं लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। जहां रोज मिल्क में आमतौर पर आर्टिफिशियल सिरप का इस्तेमाल होता है वहीं गुलकंद दूध में गुलाब की पंखुड़ियों के प्राकृतिक रेशे होते हैं। इसमें किसी भी प्रकार के कृत्रिम फ्लेवर के बजाय गुलाब का असली स्वाद और सुगंध होती है जो इसे अधिक फायदेमंद बनाती है।
इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और इसमें केवल 5 मिनट का समय लगता है।
इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक ब्लेंडर में ठंडा दूध और गुलकंद डालें। इसे तब तक ब्लेंड करें जब तक कि गुलकंद पूरी तरह मिल न जाए और दूध का रंग हल्का गुलाबी न हो जाए। अब इसमें इलायची पाउडर डालें और ऊपर से कटे हुए मेवों से गार्निश करें।
बेहतर स्वाद के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले गुलकंद का उपयोग करें और इसे ताजा ही परोसें। यदि आप वजन को लेकर सतर्क हैं तो कम वसा वाले दूध का विकल्प चुन सकते हैं।