कढ़ी की तस्वीर (सौ. एआई)
Kadhi Recipes: भारत में कढ़ी सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि एक अहसास है। हर राज्य में इसे बनाने का अपना एक अनोखा अंदाज और मसालों का जादू है। अगर आप अपने डिनर का जायका बदलना चाहते हैं तो उत्तर से लेकर पश्चिम तक फैली कढ़ी की इन विविधताओं को जरूर ट्राई करें।
भारतीय थाली में कढ़ी-चावल का कॉम्बिनेशन सदाबहार माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पड़ोस के राज्य में कढ़ी का स्वाद आपसे बिल्कुल अलग हो सकता है? बेसन और दही के इस मेल में जब स्थानीय मसालों का तड़का लगता है, तो यह एक शाही व्यंजन बन जाता है। आइए जानते हैं भारत के 4 राज्यों की उन कढ़ी रेसिपी के बारे में, जो देशभर में मशहूर हैं:
उत्तर भारत में सबसे लोकप्रिय पंजाबी कढ़ी अपने गाढ़ेपन और नरम पकोड़ों के लिए जानी जाती है। इसमें ढेर सारा प्याज, अदरक और लहसुन का इस्तेमाल होता है। कसूरी मेथी और लाल मिर्च का तड़का इसे एक तीखा और सोंधा स्वाद देता है। इसे आमतौर पर जीरा राइस के साथ परोसा जाता है।
अगर आपको हल्का और संतुलित स्वाद पसंद है, तो गुजराती कढ़ी आपको बेहद पसंद आएगी। यह अन्य कढ़ी के मुकाबले थोड़ी पतली होती है और इसमें चीनी या गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। अदरक और हरी मिर्च का तीखापन और गुड़ की मिठास इसे एक अनोखा ‘खट्टा-मीठा’ फ्लेवर देती है। इसमें पकोड़े नहीं डाले जाते।
गुजराती कढ़ी (सौ. फ्रीपिक)
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राजस्थानी स्वाद अपनी रॉयल्टी के लिए जाना जाता है। यहाँ कढ़ी में सादे पकोड़ों की जगह बेसन के गट्टे डाले जाते हैं। यह कढ़ी काफी गाढ़ी और मसालेदार होती है। घी में हींग और सूखी लाल मिर्च का छौंक इसकी खुशबू को दोगुना कर देता है।
कोंकण क्षेत्र की यह कढ़ी बाकी कढ़ी से बिल्कुल अलग है। इसमें बेसन या दही के बजाय नारियल के दूध और कोकम का इस्तेमाल किया जाता है। गुलाबी रंग की यह कढ़ी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पाचन के लिए भी रामबाण मानी जाती है। इसे अक्सर तीखे सीफूड के साथ ड्रिंक के तौर पर भी लिया जाता है।
कढ़ी की ये विविधताएं साबित करती हैं कि हमारे देश में एक ही डिश को कितने रंगों में ढला जा सकता है। तो इस वीकेंड साधारण कढ़ी के बजाय इनमें से कोई एक रेसिपी ट्राई करें और अपने परिवार को एक नया स्वाद दें।