

Rakhi Special Anarsa Recipe: रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते में मिठास घोलने के लिए घर की बनी पारंपरिक मिठाई से बेहतर क्या ही हो सकता है। इस बार बाजार की मिठाई की जगह आप बिहार की मशहूर अनरसा मिठाई घर पर बना सकती हैं।
चावल और गुड़ से तैयार होने वाला अनरसा स्वाद में कुरकुरा और अंदर से हल्का नरम होता है। सावन में कई जगहों पर इसे भगवान शिव को भोग के रूप में भी चढ़ाने की परंपरा है।
1 कप चावल
¾ कप गुड़
2-3 चम्मच दूध
2-3 चम्मच खसखस
1-2 चम्मच घी
तलने के लिए तेल या घी
सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर 2-3 दिन तक पानी में भिगोकर रखें। रोज पानी बदलें। इसके बाद चावल को पानी से निकालकर कपड़े पर फैलाएं और अच्छी तरह सुखा लें। जब चावल पूरी तरह सूख जाएं तो उन्हें मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। ध्यान रखें कि चावल का पाउडर बहुत ज्यादा महीन आटे जैसा न हो।
अब एक पैन में थोड़ा पानी और गुड़ डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। गुड़ पिघलने के बाद इसे छान लें ताकि गंदगी निकल जाए। गुड़ की चाशनी को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे चावल के पाउडर में धीरे-धीरे मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। जरूरत पड़ने पर थोड़ा दूध इस्तेमाल कर सकते हैं। आटे को ढककर कुछ घंटे या रातभर आराम देने से अनरसा ज्यादा अच्छी तरह तैयार होता है।
हाथों पर थोड़ा घी लगाएं और आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। इन्हें हल्का चपटा करें। अब एक प्लेट में खसखस या सफेद तिल फैलाएं और चपटे अनरसे की एक सतह पर खसखस अच्छी तरह चिपका दें।
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। तेल बहुत तेज गर्म न हो। अनरसे को मध्यम से धीमी आंच पर तलें, ताकि वह बाहर से सुनहरा और कुरकुरा हो जाए और अंदर से अच्छी तरह पक सके।
तैयार अनरसे को प्लेट में निकालकर अतिरिक्त तेल सोखने दें। अनरसा को ठंडा होने के बाद मिठाई की तरह परोसें।
अनरसा बिहार की पारंपरिक मिठाइयों में शामिल है और इसे चावल तथा गुड़ से तैयार किया जाता है। इसकी खासियत इसका हल्का कुरकुरा टेक्सचर और गुड़ की प्राकृतिक मिठास है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर यह पारंपरिक मिठाई आपके सेलिब्रेशन को अलग स्वाद दे सकती है।