जीरो शेडो डे 2025 (सौ. सोशल मीडिया)
Zero Shadow Day: अक्सर आपने चलने के साथ सामने अपने ही शैडो या परछाई को देखा होगा यह सूर्य की रोशनी से जुड़ा हुआ होता है। इन दिनों कई जगहों पर जीरो शैडो डे मनाया जा रहा है। यह एक प्रकार से खगोल शास्त्र से जुड़ी दुर्लभ घटना होती है। इस स्थिति में जब हम किसी जगह पर चलते हैं तो परछाई दिखने की बजाय नजर आती है। कहते हैं कि, साल में एक बार इस प्रकार की स्थिति बनती है और हमारा देश भी इसका साक्षी बन चुका है और भविष्य में बनने वाला है। जानिए जीरो शैडो डे के बारे में यहां पर सबकुछ।
आपको बताते चलें कि, जीरो शैडो डे, एक तरह की दुर्लभ खगोलीय घटना होता है। यह साल में दो बार ही घटित होती है। इस साल पहली बार अप्रैल में यह घटना घटित हो चुकी है और आगामी घटना अगस्त माह में घटित होगी। इस स्थिति को लेकर खगोलशास्त्र में बताया गया कि, कर्क और मकर रेखा के पास स्थित क्षेत्रों में ही जीरो शैडो की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में लोग जीरो शैडो का अनुभव करते हैं, क्योंकि सूर्य की किरणें पृथ्वी की सतह के लगभग लंबवत होती है।
कहा जाता है कि, जब जीरो शैडो डे की स्थिति बनती है कि, उस दौरान पृथ्वी के कुछ क्षेत्रों में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जब मनुष्यों को उन्हीं की परछाई बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती है। ऐसा सिर्फ मनुष्यों के साथ ही नहीं बल्कि एक खास स्थान पर मौजूद किसी भी वस्तु की छाया नहीं दिखाई देती। आसान शब्दों में कहें तो सूर्य सीधे सिर के ऊपर मौजूद होता है, जिसकी वजह से जमीन में कोई भी छाया नहीं पड़ती है। अगस्त में जीरो शैडो डे के अलावा खगोल शास्त्र में और भी घटनाएं और दुर्लभ नजारे आने वाले है। इसमें सुपर मून और शनि ग्रह की चमकीला होना इत्यादि शामिल है।
आपको बताते चलें कि, जीरो शैडो की स्थिति देश में दो मौके पर बनते है जिसमें जीरो शैडो का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इसकी तारीख और समय क्षेत्र के आधार पर अलग हो सकती है। बताया जाता है कि, जीरो शैडो की स्थिति इससे पहले अंतिम बार 25 अप्रैल को बैंगलोर में देखने के लिए मिली थी। इसके बाद यह दूसरी बार 18 अगस्त को बनेगी। इस स्थिति में कोई भी अपनी परछाई को देख नहीं पाएंगे।
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