

69% उपभोक्ताओं की फेस्टिव शॉपिंग लिस्ट में फैशन और अपैरल शामिल।
51% लोग होम डेकोर और फर्नीचर पर खर्च करने की योजना बना रहे हैं।
ब्यूटी, पर्सनल केयर और गैजेट्स खरीदारी का हिस्सा बन रहे हैं।
Diwali Shopping Trends 2026: दिवाली का त्योहार आते ही सोना-चांदी, गहने और बर्तन की खरीदारी बढ़ जाती है। दीवाली से पहले धनतेरस के मौके पर लोग सोने-चांदी के सिक्के, गहने और कीमती धातुओं की खरीदारी करना पसंद करते हैं। लेकिन इस दिवाली खरीदारी के तरीकों में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब त्योहार के बजट में लोगों का ध्यान सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि कपड़े, घर की सजावट, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और पर्सनल केयर जैसी चीजों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस बदलाव के पीछे फैशन के अलावा बदलती लाइफस्टाइल, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देने की सोच भी शामिल है। 2026 के कई कंज्यूमर सर्वे इस बदलते शॉपिंग पैटर्न को समझ रहे हैं।
फेस्टिवल इनसाइट 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल त्योहार के दौरान खरीदारी की योजना बनाने वालों में 69 प्रतिशत लोग अपैरल और फैशन पर खर्च कर रहे हैं। वहीं, 51 प्रतिशत लोगों ने होम डेकोर और फर्नीचर तथा 50 प्रतिशत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स की खरीदारी की है। साथ ही 35 प्रतिशत लोगों ने ज्वेलरी खरीदने की योजना बनाई है।
यह आंकड़ा बताता है कि त्योहारों की खरीदारी अब सिर्फ पारंपरिक कीमती सामान तक सीमित नहीं है। लोग ऐसे प्रोडक्ट्स पर भी खर्च करना चाहते हैं, जिनका इस्तेमाल वे त्योहार के बाद भी कर सकें। फैशन और अपैरल की वजह त्योहारों पर नए कपड़े पहनने की इच्छा, परिवार के साथ टाइम, ऑफिस पार्टी और सोशल मीडिया पर अच्छा दिखने की चाह हो सकती है।
दिवाली में घर की सफाई और सजावट विशेष होता है। इस साल होम डेकोर और फर्नीचर पर खर्च करने की योजना बनाने वाले लोगों की संख्या भी काफी अधिक है। हंसा रिसर्च के सर्वे से पता चलता है कि 51 प्रतिशत लोगों ने इस कैटेगरी को अपनी फेस्टिव शॉपिंग में शामिल किया है।
इसके पीछे एक बड़ी वजह घर को ज्यादा अट्रैक्टिव और कंफर्टेबल बनाना है। अब दीये और लाइट्स के साथ-साथ घर के इंटीरियर, फर्नीचर, पर्दे, कुशन, डाइनिंग स्पेस और बालकनी को भी संवारा जा रहा है। होम डेकोर की खरीदारी जैसे- नए पर्दे, फर्नीचर, लैंप और डेकोरेटिव आइटम पूरे साल काम आते हैं।
त्योहार के दौरान पहले जहां खरीदारी का बड़ा हिस्सा परिवार और घर की जरूरतों पर खर्च होता था, वहीं अब लोग अपनी पर्सनल पसंद और जरूरतों को भी तवज्जो दे रहे हैं। इसमें ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, स्किनकेयर, मेकअप, परफ्यूम, हेयरकेयर, फैशन एक्सेसरीज और फिटनेस से जुड़ी चीजें शामिल हैं।
स्टडी के मुताबिक, भारत के जेन जी यूजर्स में 53 प्रतिशत लोग ब्यूटी और पर्सनल केयर की ज्यादातर खरीदारी पहले से प्लान करते हैं। वहीं, 49 प्रतिशत दिवाली से पहले इन प्रोडक्ट्स के लिए आइडिया और इंस्पिरेशन के बारे में सर्च करते हैं। 45 प्रतिशत लोग खरीदारी से पहले दूसरों की सलाह लेते हैं। इससे पता चलता है कि पर्सनल ग्रूमिंग और ब्यूटी भी खरीदारी में अहम भूमिका निभा रहा है।
त्योहारों पर नए गैजेट्स खरीदने का चलन भी बढ़ गया है। 50 प्रतिशत लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स को अपनी फेस्टिव शॉपिंग में शामिल किया है। इसके अलावा अन्य स्टडी में 71 प्रतिशत जेन जी दिवाली के लिए स्मार्टफोन खरीदने या खरीदने की योजना की बात कही।
स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, ईयरबड्स, ब्लूटूथ स्पीकर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स अब त्योहारों की खरीदारी और गिफ्टिंग का हिस्सा हैं। ऑनलाइन सेल, बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज डील भी लोगों को इस खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।
वहीं एक अन्य सर्वे में 307 जिलों के शहरी परिवारों में त्योहारों के दौरान खर्च करने की योजना में 72 प्रतिशत कपड़े, फुटवियर और एक्सेसरीज खरीदना शामिल हैं। 45 प्रतिशत ने होम अप्लायंसेज और फर्नीचर को अपनी खरीदारी में शामिल किया, जबकि केवल 6 प्रतिशत ने ज्वेलरी खरीदने की योजना बताई।
इन आंकड़ों का मतलब यह नहीं है कि दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा कम हुई है। धनतेरस और दिवाली के मौके पर धातुओं की खरीदारी आज भी पहले नंबर पर है। हालांकि, सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते बजट को देखते हुए कुछ लोगों की प्राथमिकता बदल सकती है।