Dating में हर बात को लेकर करते हैं ओवरथिंक? जानें क्या है 3P थ्योरी, जिसे अपनाकर बन सकती है लवलाइफ बेहतर
3P Theory In Dating: आज के जमाने में डेटिंग का पैमाना हर बार बदलता रहता है। आज जानेंगे 3 पी थ्योरी के बारे में, जो आपको रिश्तों को बोझ की बजाए एक एक्सपीरियंस की तरह लेना सिखाती है।
- Written By: रीता राय सागर
डेटिंग (फोटो. सोशल मीडिया)
Modern Dating Tips: आज के समय में डेटिंग किसी कमिटमेंट या जान-पहचान तक सीमित नहीं है और न ही यह किसी नए इंसान से मिलने का जरिया भर है। पहली डेट के बाद कई लोग घंटों तक कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, जैसे- उन्होंने कुछ गलत तो नहीं कहा, सामने वाले ने देर से मैसेज क्यों किया या फिर उन्हें कुछ अलग ऑर्डर करना चाहिए था।
खासकर ओवरथिंक करने वाले लोगों के लिए पहली डेट एक एग्जाम की तरह होती है।
ऐसे ओवरथिंक करने वालों की समस्या को कम करने के लिए एक नई थ्योरी लोकप्रिय हो रही है, जिसे 3P Theory कहते हैं। इस के अनुसार, हर पहली डेट तीन में से किसी एक चीज पर खत्म होगी, यानी Potential (संभावना), Plot (कहानी) और Practice (अनुभव)। इसका मकसद है कि यदि रिश्ता आगे नहीं चलता है, तो भी वो डेट बेकार नहीं जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
वेलनेस फूड का नया ट्रेंड, Botox Cupcakes से Collagen Wontons तक, क्या आपने किया ट्राई?
Colour psychology In Fashion: मूड के हिसाब से चुनें कपड़ों का रंग, जानिए कौन-सा कलर देगा आत्मविश्वास और सुकून
Aesthetic Home Decor Ideas: कम बजट में भी घर दिखेगा Pinterest जैसा खूबसूरत, जानें 7 आसान तरीके
नागपुर में डेटिंग ऐप सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: उज्बेकिस्तान की युवतियां मिलीं, कैब ड्राइवर गिरफ्तार
क्या है 3P थ्योरी?
3P थ्योरी लोगों को यह समझाती है कि पहली डेट को सिर्फ इस आधार पर जज नकरें कि वो सफल या असफल होगी। हर मुलाकात आपको कुछ न कुछ सिखाकर जाती है। इससे डेटिंग को लेकर दबाव कम होता है और लोग ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करते हैं।
-
Potential (संभावना)
इसकी उम्मीद हर व्यक्ति पहली डेट पर करता है। अगर बातचीत अच्छी हो, दोनों के बीच बॉन्डिंग महसूस हो और दोबारा मिलने की इच्छा हो, तो इसका मतलब है कि इस रिश्ते में आगे बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आपको पहली ही मुलाकात में अपना जीवनसाथी मिल गया है। बस इतना समझिए कि दोनों के बीच कंपैटिबिलिटी च्छी बन रही है। सामने वाले को थोड़ा और जानने की इच्छा हो सकती है।
-
Plot (यादगार कहानी)
हर डेट सक्सेसफुल हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार सामने वाला व्यक्ति लगातार एक ही टॉपिक पर बात करता रहता है, कई बार वो अपनी प्रोफाइल से बिल्कुल अलग निकलता है और असलियत में आप बात करने के दौरान समझ पाते हैं।
3P थ्योरी के अनुसार इसे फेल डेट नहीं कहा जा सकता है। यह आपके जीवन की एक दिलचस्प कहानी बन जाती है, जिसे बाद में दोस्तों के साथ शेयर करके हंसा जा सकता है। इस नजरिए से देखने पर रिजेक्शन का दर्द भी काफी हद तक कम हो जाता है।
-
Practice (अनुभव)
3P थ्योरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अनुभव है। हर डेट आपको कुछ नया सिखाती है। आप बेहतर तरीके से बातचीत करना सीखते हैं, अपनी बाउंड्री तय करना सीखते हैं, समझते हैं, रेड फ्लैग्स पहचानते हैं और यह भी जान पाते हैं कि आपको अपने पार्टनर में क्या चाहिए या क्या नहीं चाहिए।
लगातार नए लोगों से मिलने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है और हर छोटी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत धीरे-धीरे कम होने लगती है।
नई जेनेरेशन को क्यों लुभा रही है 3P थ्योरी
आज के दौर में डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया ने रिश्तों को काफी जटिल बना दिया है। लोगों के सामने जरूरत से ज्यादा ऑप्शन है, इससे चुनने का प्रेशर बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले परफेक्ट रिश्ते भी कई बार लोगों की उम्मीदें बढ़ा देते हैं। ऐसे में 3 पी थ्योरी रिश्तों को सहजता से स्वीकारना सिखाती है। यह खुद को समझने, नए लोगों से मिलने और जीवन के अनुभव हासिल करने का एक जरिया है।
