

नवभारत डिजिटल डेस्क: दुनियाभर में क्रिसमस (Christmas 2023) का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। आज के दिन का बहुत से लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास होता है, इस दिन लोग एक दूसरे को तोहफे (Gifts) देकर खुशियां बांटते हैं। 'सैंटा क्लॉस' (Santa Claus) बनकर लोग एक-दूसरे को स्क्रेट गिफ्ट (Secret Gifts) देते हैं, जिसे पाकर लोग काफी खुश होते हैं। ऐसे में कभी किसी ने सोचा आखिर ये 'सैंटा क्लॉस' है कौन? वह कहां रहते थे? या फिर उनकी कब्र कहां है? तो चलिए आज हम आपको 'सैंटा क्लॉस' के बारे में हर एक चीज़ बताते हैं…
क्रिसमस डे पर 'सैंटा क्लॉस' को सबसे ज़्यादा याद किया जाता है। बहुत से लोग 'सैंटा क्लॉस' की तरह कपड़े पहनकर लोगों के क्रिसमस पार्टी में चार-चांद लगा देते हैं। 'सैंटा क्लॉस' की तरह लोगों को गिफ्ट देते हैं और खुशियां बांटते हैं। 'सैंटा क्लॉस' भी ऐसे ही थे, जो लोगों को चुपके से उनकी जरूरत की चीज़ तोहफे में दिया करते थे। 'सैंटा क्लॉस' का असली नाम संत निकोलस था, जो काफी दयालु थे। उन्हें लोगों के दुख को देखकर काफी बुरा लगता था। ऐसे में वह रात में गरीब लोगों के घर के सामने चुपके से गिफ्ट रख दिया करते थे।
'सैंटा क्लॉस' के दयालु और उदारता नेचर के चर्चे चारों तरफ होने लगे। जिसके बाद लोग उन्हें संत बुलाने लगे। उनका रहन-सहन काफी साधारण था। वह आम इंसानों की तरह ही रहा करते थे। वहीं कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि सैंटा लाल कपड़े क्यों पहनते हैं, तो इसके पीछे कई पुरानी कहानी है। जिसमें से एक यह भी है कि चौथी शताब्दी में एक ग्रीक बिशप संत निकोलस थे, जो लाल कपड़े पहनकर गरीबों और बच्चों को तोहफे दिया करते थे। क्लेमेंट मार्क नूरी की कविता में सेंट निकोलस का उल्लेख मिलता है, जो काफी हद तक निकोलस से मिलते-जुलते हैं, इसलिए उनकी कल्पना इसी तरह से की जाती है।
सैंटा क्लॉस (संत निकोलस) कोई जादुई पुरुष नहीं थे। वह बिलकुल आम इंसान ही थे, जो काफी दयालु थे। उनका जन्म 280 ईस्वी में तुर्कमेनिस्तान के शहर मायरा में हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि उनका जन्म भगवान यीशू की मृत्यु के बाद हुआ था। वहीं अगर सैंटा क्लाॅज यानी सेंट निकोलस की मृत्यू की बात करें तो वो 6 दिसंबर 343 में मायरा शहर में हुई थी।
उनकी कब्र को लेकर कहा जाता है कि वो आयरलैंड में हैं। लेकिन सैटा क्लाॅज की कब्र को लेकर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत है। किसी का कहना है कि तुर्की के अंतालया में चर्च के अंदर सेंट निकोलस का कब्र है। जबकि कोई कहते है कि सैंटा क्लाॅज कि कब्र को तुर्की से वापस लाकर इटली में दफन किया गया था।