गार्डनिंग करते हुए महिला (सौ. एआई)
Natural Fertilizer for Plants: गार्डनिंग के शौकीन लोग अक्सर पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्खों की तलाश में रहते हैं। आजकल सोशल मीडिया पर फिटकरी (Alum) का उपयोग काफी चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि फिटकरी के पानी से पौधों में फूलों की संख्या दोगुनी हो जाती है। लेकिन क्या यह वाकई कोई सुपर-फूड है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिटकरी खाद नहीं बल्कि एक मिट्टी सुधारक की तरह काम करती है।
फिटकरी का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह मिट्टी को हल्का अम्लीय बनाती है। गुलाब, गुड़हल, अपराजिता और हाइड्रेंजिया जैसे पौधों को अम्लीय मिट्टी बेहद पसंद होती है। जब मिट्टी का pH लेवल सही होता है तो ये पौधे पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाते हैं जिससे कलियां ज्यादा आती हैं और पत्तियां चमकदार हो जाती हैं। इसके अलावा फिटकरी के एंटी-फंगल गुण जड़ों को सड़न और कीटाणुओं से बचाते हैं।
फिटकरी का गलत इस्तेमाल आपके हरे-भरे पौधे को जला सकता है। इसे उपयोग करने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है।
घोल तैयार करें: 1 लीटर पानी में मात्र 2 ग्राम फिटकरी (एक छोटा टुकड़ा) डालकर रात भर छोड़ दें।
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मिट्टी में डालें: इस पानी को हर 20-25 दिन में सिर्फ एक बार पौधों की जड़ों में डालें।
स्प्रे के लिए: 1 लीटर पानी में 1 ग्राम फिटकरी घोलकर महीने में एक बार पत्तियों पर छिड़काव करें।
हर पौधे फिटकरी के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देता। मनी प्लांट, एलोवेरा, स्नेक प्लांट और कैक्टस जैसे सक्यूलेंट्स को फिटकरी का पानी नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही याद रखें कि फिटकरी एनपीके (NPK) खाद का विकल्प नहीं है। बेहतर परिणामों के लिए इसे हमेशा वर्मी कंपोस्ट या गोबर की खाद के साथ पूरक के तौर पर इस्तेमाल करें।
फिटकरी एक सस्ता और असरदार उपाय है बशर्ते आप इसकी मात्रा और सही पौधों का चुनाव जानते हों। अगर आपको भी गार्डनिंग का शौक है तो इस तरह फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते हैं।