ज्यादातर घरों में कुकिंग की शुरुआत ही प्याज और टमाटर को भूनने से होती है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ सब्जियां टमाटर डालने के बाद उतनी स्वादिष्ट नहीं लगतीं जितनी उन्हें होना चाहिए। असल में टमाटर में मौजूद साइट्रिक एसिड कुछ सब्जियों के प्राकृतिक स्वाद और उनके पकने की प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, सरसों का साग या मेथी जैसी सब्जियों का अपना एक सोंधा स्वाद होता है। इनमें टमाटर डालने से उसकी खटास साग के असली स्वाद को खत्म कर देती है। पारंपरिक रूप से इनमें टमाटर की जगह आमचूर या दही का हल्का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है।
करेला: करेले का कड़वापन और टमाटर का खट्टापन आपस में मेल नहीं खाते। टमाटर डालने से करेला काफी अजीब और बेस्वाद हो सकता है। इसे प्याज और मसालों के साथ ही पकाना सबसे अच्छा है।
कढ़ी और दही वाली ग्रेवी: अगर आप दही आधारित ग्रेवी या कढ़ी बना रहे हैं, तो टमाटर का इस्तेमाल करने से बचें। दही और टमाटर दोनों ही खट्टे होते हैं, जिससे डिश का स्वाद जरूरत से ज्यादा खट्टा और तीखा हो सकता है, जो सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
कटहल की सब्जी: कटहल की सब्जी में टमाटर नहीं डाला जाता है। यह सब्जी टमाटर के साथ बिल्कुल भी स्वाद नहीं देती है। इससे आपकी मेहनत खराब हो सकती है। इसलिए इसमें सिर्फ प्याज, लहसुन और मसाले डालकर ही बनाएं।
अरबी और भिंडी: कुछ लोग भिंडी या अरबी में टमाटर डालते हैं लेकिन टमाटर का रस इन सब्जियों को और भी ज्यादा चिपचिपा (Lacy) बना देता है जिससे उनका क्रिस्पी टेक्सचर खत्म हो जाता है।
कद्दू की सब्जी: घरों में बनने वाली कद्दू की सब्जी में टमाटर डालना स्वाद को खराब कर सकता है। कद्दू में हल्की मिठास होती है जिसके साथ टमाटर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है। कद्दू में मेथी के दाने, नमक और हल्दी डालकर पकाएं। यह सिंपल सब्जी भी स्वादिष्ट लगती है।
दूध या मलाई वाली सब्जियां: पनीर लबाबदार या मलाई कोफ्ता जैसी डिशेज में टमाटर सोच-समझकर डालना चाहिए। अगर टमाटर बहुत ज्यादा खट्टा है तो यह मलाई या दूध वाली ग्रेवी को फाड़ सकता है।