

Aparajita Plant Flowering Tips In Hindi: बढ़ती गर्मी का असर केवल जीव जन्तुओं के अलावा पेड़ -पौधे भी पड़ता हैं। खासतौर पर, अपराजिता का पौधा। यह पौधा न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि वास्तु शास्त्र और धार्मिक दृष्टि से भी इसे बेहद शुभ माना जाता है।भगवान विष्णु और शिव जी का प्रिय होने के कारण इसे 'विष्णुकांता' भी कहते हैं।
लेकिन कई बार लोगों की शिकायत रहती हैं कि, भीषण गर्मी में अपराजिता का पौधा भी सूखने लगता है। तेज गर्मी के कारण इसके पत्ते पीले पड़ने लगते हैं, बेल सूखने लगती है और फूल आने तो जैसे बंद ही हो जाते हैं।
अगर आपके अपराजिता के पौधे के साथ भी यह समस्या हो रही है, तो चिंता मत करिए। कुछ बहुत ही आसान नुस्खों से आप अपनी अपराजिता की बेल को फिर से हरा-भरा और फूलों से लदा बना सकते हैं। आइए जानें कैसे।
अपराजिता की बेल को हरा भरा और और फूलों से लदा बनाए रखने के लिए ग्रीन नेट और मल्चिंग का इस्तेमाल कर सकते है। धूप के कारण पौधे की पत्तियां झुलसने लगती हैं। इसलिए सबसे पहला काम पौधे को छांव और नमी देना है। धूप से बचाने के लिए अपनी छत या बालकनी में ग्रीन नेट लगा सकते हैं। इससे धूप सीधी पौधे पर नहीं पड़ती। अगर आपके पास ग्रीन नेट नहीं है, तो आप किसी सूती कपड़े से भी पौधे के पास छांव कर सकते हैं, ताकि दोपहर की तेज धूप से पौधा बचा रहे।
पौधे में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग बहुत जरूरी है। इसके लिए आप गमले की ऊपरी मिट्टी पर सूखे पत्ते या नारियल के छिलके बिछा दें। इससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी।
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अपराजिता के पौधे पर फूल उगाने के लिए पोटेशियम और नाइट्रोजन की जरूरत होती है। इसके लिए आप चायपत्ती और केले के छिलके की खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धोकर सुखा लें और हफ्ते में एक बार यह खाद पौधे की मिट्टी में मिलाएं। इससे पौधे की मिट्टी एसिडिक बनेगी, जो अपराजिता के पौधे के लिए जरूरी है।
गर्मी के मौसम में पौधों को पानी देने का गलत तरीका पौधे को सुखा सकता है। अपराजिता को सुबह के समय या शाम में सूरज ढलने के बाद ही पानी दें। दोपहर में पानी देने से मिट्टी जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे जड़ों को नुकसान होता है। साथ ही, बहुत ज्यादा पानी एक साथ न दें। इससे भी जड़े सड़ सकती हैं।
पौधे को फूलों से लदा रखने के लिए प्रूनिंग भी बेहद जरूरी है। अगर कोई डाली पूरी तरह सूख चुकी है, तो उसे काटकर हटा दें। साथ ही, टहनियों के ऊपरी हिस्से को उंगली से पिंच करके हटा दें, ताकि बेल घनी रहे और ज्यादा शाखाएं। इससे पौधा ज्यादा फूल भी देगा।