

Cooler Me Fitkari Dalne Ke Fayde: भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में एयर कूलर मिडिल क्साल भारतीय परिवारों के लिए राहत का सबसे सुलभ और सस्ता साधन है। लेकिन कूलर के साथ एक बड़ी समस्या यह जुड़ी होती है कि इसके टैंक में भरा पानी जल्द ही गंदा हो जाता है और उससे अजीब सी बदबू आने लगती है।
कूलर का जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है जिससे गर्मियों और मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो आपकी रसोई में मौजूद एक साधारण सी चीज फिटकरी इसका रामबाण इलाज साबित हो सकती है।
फिटकरी जिसे वैज्ञानिक भाषा में एलम कहा जाता है का उपयोग सदियों से जल शुद्धिकरण के लिए किया जाता रहा है। इसके पीछे एक ठोस वैज्ञानिक कारण है। जब फिटकरी को गंदे पानी में डाला जाता है तो यह पानी में मौजूद मिट्टी और गंदगी के सूक्ष्म कणों को आपस में जोड़ देती है। जैसे ही ये कण आपस में मिलकर भारी होते हैं वे टैंक की तली में बैठ जाते हैं जिससे ऊपर का पानी पूरी तरह साफ और पारदर्शी दिखाई देने लगता है। कूलर के टैंक में फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा डालने से पानी लंबे समय तक गंदा नहीं होता।
रुका हुआ साफ पानी मादा मच्छरों के लिए अंडे देने की सबसे पसंदीदा जगह होती है। यदि कूलर का पानी समय पर न बदला जाए तो उसमें मच्छरों के लार्वा तेजी से विकसित होने लगते हैं। फिटकरी न केवल पानी की गंदगी को साफ करती है बल्कि यह पानी की गुणवत्ता और उसके रासायनिक संतुलन में भी इस तरह बदलाव लाती है कि मच्छरों के लार्वा के पनपने की संभावना काफी कम हो जाती है। यह एक सरल घरेलू उपाय आपको घातक वायरल संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकता है।
अक्सर कूलर चलाने पर कमरे में सीलन या गंदे पानी की महक फैल जाती है। यह बदबू पानी में पैदा होने वाले बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीवों के कारण होती है। फिटकरी में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो इन हानिकारक बैक्टीरिया की संख्या को नियंत्रित करने में प्रभावी हैं। जब पानी बैक्टीरिया मुक्त रहता है तो कूलर से आने वाली बदबू अपने आप खत्म हो जाती है। इसके अलावा साफ पानी के उपयोग से कूलर के घास या हनीकॉम्ब पैड्स भी लंबे समय तक खराब नहीं होते और आपको ठंडी के साथ-साथ ताजी हवा भी मिलती है।
हालांकि फिटकरी बहुत फायदेमंद है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका उपयोग सीमित और सही मात्रा में ही किया जाना चाहिए। कूलर के लिए फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा ही पर्याप्त होता है। बहुत ज्यादा फिटकरी डालने से पानी की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
साथ ही केवल फिटकरी के भरोसे रहना भी सही नहीं है। कूलर के टैंक और पैड्स की नियमित सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि फंगस और जिद्दी गंदगी जमा न हो सके। बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर 3-4 दिनों में कूलर का पानी पूरी तरह से बदलना एक अच्छी आदत है।