धर्म के खिलाफ गए तो कोर्ट को नहीं मानेंगे, जैन समाज की धमकी- जरूरत पड़ने पर शस्त्र भी उठाएंगे
Dadar Kabutarkhana Protest: कबूतरों की दाना बंदी के खिलाफ जैन समाज ने चेतावनी दी है कि वह13 तारीख से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस आंदोलन में लगभग 10 लाख जैन शामिल होंगे।
- Written By: सोनाली चावरे
मुंबई कबूतरखाना विवाद
Mumbai Pigeon House Controversy: मुंबई में कबूतर खाने को बंद करने और कबूतरों को दाना-पानी देने पर लगाई गई पाबंदी मामले में जैन समाज पीछे हटने को तैयार नहीं है। अदालती रोक तथा पुलिस और महानगर पालिका की निरंतर चल रही कार्रवाई के बाद भी जैन समुदाय के लोग दादर सहित अन्य कबूतरखानों के आसपास पक्षियों को दाना डालने पहुंच रहे हैं।
इतना ही नहीं, जैन समाज अब अपने आंदोलन को बढ़ाने की तैयारी करते हुए भूख हड़ताल की तैयारी भी कर रहा है। जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय ने चेतावनी दी है कि कबुतरखाना बंद करने के फैसले के खिलाफ जैन समाज 13 तारीख से भूख हड़ताल पर बैठेगा। उन्होंने कहा कि यदि अदालत धर्म के खिलाफ जाएगी तो हम नहीं मानेंगे। इसके साथ-साथ ये चेतावनी भी दी है कि यदि जरूरत पड़ी तो हमारा शांतिप्रिय समाज हथियार भी उठाएगा।
जैन समाज का हाईकोर्ट के फैसले पर विरोध
मुंबई में कबूतर खाने को लेकर पिछले कुछ दिनों से बड़ा बवाल मचा है। दादर में वर्षों पुराना कबूतर खाना बंद कर दिया गया। इसकी वजह से आक्रामक हुए जैन समाज के लोगों ने बीते बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया था। कबूतर खाना बंद करने के लिए लगाई गई तिरपाल को हटा दिया था। इतना ही नहीं वहां लगे बांस को उखाड़ कर फेंक दिया था।
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यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा लेकिन कोर्ट ने कबूतर खाने को बंद करने तथा पक्षियों को दाना न डालने के आदेश को बरकरार रखा है। ऐसे में जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने कहा है कि हम सत्याग्रह और भूख हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि जैन समाज शांतिप्रिय है। हथियार उठाना हमारा काम नहीं है और जो हथियार उठाते हैं, वे हमारे नहीं हैं। लेकिन जरूरत पड़ी तो हम धर्म के लिए हथियार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हम भारत के संविधान, अदालत और देवेंद्र फडणवीस का सम्मान करते हैं ना। लेकिन यदि बात हमारे धर्म के खिलाफ होगी तो हम अदालत का भी सम्मान नहीं करेंगे।
आंदोलन में शामिल होंगे 10 लाख जैन
जैन मुनि ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है लेकिन इस वजह से कबूतरों की मौत नहीं होनी चाहिए. सरकार के आदेश के बाद अब पक्षियों को दाना पानी दिया जा रहा है लेकिन ये सब चुनाव को ध्यान में रखकर हो रहा है. हमारे पर्युषण पर्व की समाप्ति होने के बाद अगला निर्णय लेंगे. अब हम शांत नहीं बैठेंगे. हम 13 तारीख को भूख हड़ताल शुरू करेंगे. लेकिन मैं अकेले आंदोलन पर नहीं बैठूंगा, बल्कि देशभर से जैन बंधु यहां आंदोलन के लिए आएंगे. लगभग 10 लाख जैन बंधु यहां भूख हड़ताल पर बैठेंगे.
