गैस की रोशनी से जमगाएगा अंडमान निकोबार, हर दिन 5 लाख लीटर डीजल बचाने की तैयारी
अंडमान निकोबार में बड़ी पहल हो रही है। यहां अब तक बिजली पूरी तरह से डीजल के जरिए सप्लाई होती थी लेकिन अब यह जल्द ही यह आईलैंड गैस से जगमग हुआ करेगा। पढ़ें पूरी खबर
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
अंडमान निकोबार में गैस से आएगी बिजली
नई दिल्ली: अंडमान निकोबार द्वीप समूह आने वाले समय में गैस की रोशनी से जगमग होगा। इस समय अंडमान निकोबार भारत का अकेला ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहां बिजली पूरी तरह से डीजल से आती है। यहां पर कोई भी पावर प्लांट नहीं है।
खास ये है कि इंडियन ऑयल यहां पर बिजली आपूर्ति के लिए स्थानीय बिजली कंपनी को हर महीने 2753 KL किलो लीटर डीजल ( 1 KL मतलब 1 हजार लीटर ) की आपूर्ति करता है। एक बार गैस आधारित पावर प्लांट स्थापित हो जाने से यहां पर हर महीने इतने ही डीजल की बचत होगी। इससे बड़े स्तर पर पर्यावरण को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से भी रोका जा सकेगा।
इसलिए यहां नहीं बना पावर प्लांट
यहां पावर प्लांट नहीं होने की एक बड़ी वजह यह है कि यहां पर फिलहाल तक गैस आपूर्ति का कोई ढांचागत आधार नहीं है। इसके अलावा कोयला आधारित पावर प्लांट इसलिए स्थापित नहीं हो पाया क्योंकि उसकी नियमित आपूर्ति को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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ब्लास्ट फ्री सिलेंडर
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भी शेष देश की तरह जल्दी ही ब्लास्ट फ्री सिलेंडर को घर-घर पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह 10 किलो का कंपोजिट सिलेंडर होता है। जिसमें यह देखा जा सकता है कि उसके अंदर कितनी गैस है। इसके अलावा अगर यह सिलेंडर कभी फटता है तो उसके टुकड़े इधर-उधर फैलने की जगह एक ही जगह आइसक्रीम की तरह पिघल कर जमा हो जाते हैं। जिससे सिलेंडर के फटने पर भी कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है।
जल संरक्षण उज्ज्वला योजना
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह में वहां के लिए विशेष एलपीजी बॉटलिंग प्लांट है। जिसे इंडियन ऑयल संचालित करता है। इंडियन ऑयल के डीजल से ही वहां पर घर-घर रोशनी होती है। इसके अलावा वहां का चूल्हा भी इंडियन ऑयल के गैस से ही जलते हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि इंडियन ऑयल ऊर्जा जरूरत के लिए अंडमान निकोबार की लाइफ लाइन है। अंडमान निकोबार में क्योंकि जलापूर्ति की भी नियमित व्यवस्था को लेकर समस्या है। यही वजह है कि इंडियन ऑयल ने अपने अंडमान वोटिंग प्लांट में वर्षा का जल संचयित करने का की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से हर महीने करीब 15000 लीटर से अधिक का पानी संरक्षित किया जाता है। जो यहां की दैनिक जरूरत के अलावा पीने की पानी की आवश्यकता को भी पूरा करता है।
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उज्ज्वला योजना के तहत यहां करीब 14000 लाभार्थी
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में उज्ज्वला योजना के तहत करीब 14000 से अधिक लाभार्थी हैं। यहां उज्ज्वला योजन योजना के सिलेंडर रिफिल 6।6% के करीब है। जबकि अंडमान निकोबार में नियमित एलजी आपूर्ति के ग्राहक की रिफिल 7।43 के करीब है। जो बताता है कि अंडमान निकोबार में उज्ज्वल और नियमित एलजी आपूर्ति का आंकड़ा लगभग एक बराबर होने वाला है। अंडमान निकोबार में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती खपत को लेकर इस अधिकारी ने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यहां पर नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होती है। कई बार लोग अपने सिलेंडर से भी घर में बिजली का बल्ब जलाने का कार्य करते हैं।
(नई दिल्ली से संतोष ठाकुर की रिपोर्ट)
