

Mumbai News In Hindi: मनपा चुनावों की घोषणा के साथ ही मुंबई की राजनीति में हिंदी भाषी मतदाताओं को साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उत्तर भारतीय समाज को पार्टी से जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार की है।
शिंदे गुट का फोकस मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीय ओबीसी समाज को आरक्षण का लाभ दिलाने पर है। दरअसल, मुंबई और महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीय ओबीसी समाज के लोगों को यहां ओबीसी का दर्जा हासिल करने में कई व्यावहारिक और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है।
महाराष्ट्र के नियम-कानून जटिल होने के कारण, अन्य राज्यों में ओबीसी होने के बावजूद उत्तर भारतीयों को यहां आरक्षण और उससे जुड़ी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
इसी समस्या के समाधान को लेकर शिंदे गुट ने ठोस योजना बनाई है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उत्तर भारतीय ओबीसी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। इसके लिए मुलुंड चेक नाका स्थित होटल टिप टॉप प्लाजा के सभागृह में एक बैठक आयोजित की गई है।
इस बैठक के आयोजन और संवाद की जिम्मेदारी संजय निरुपम को सौंपी गई है। बैठक में उत्तर भारतीय ओबीसी समाज के अंतर्गत आने वाले विश्वकर्मा, बिंद, गुप्ता, चौहान और निषाद समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मनपा चुनावों से पहले उत्तर भारतीय ओबीसी समाज को साधने की यह पहल मुंबई की सियासत में अहम भूमिका निभा सकती है और इसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।