शशि थरूर की बदलती सोच, राज पुरोहित ने की तारीफ, बोले- 'दिव्य बुद्धि' के संकेत

Raj Purohit on Shashi Tharoor: भारत की अर्थव्यवस्था पर हंगामा छिड़ने के बाद शशि थरूर के बयान को लेकर राज पुरोहित की टिप्पणी सामने आई थी। राज पुरोहित ने कांग्रेस सांसद की जमकर तारीफे की है।
Raj Purohit on Shashi Tharoor: भारत की अर्थव्यवस्था पर हंगामा छिड़ने के बाद शशि थरूर के बयान को लेकर राज पुरोहित की टिप्पणी सामने आई थी। राज पुरोहित ने कांग्रेस सांसद की जमकर तारीफे की है।
राज पुरोहित और शशि थरूर (सौजन्य-सोशल मीडिया, IANS)
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Raj Purohit on Shashi Tharoor: लोकसभा में संसद की कार्यवाही के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को कांग्रेस की ओर से मृत अर्थव्यवस्था घोषित किया गया था। इस मामले में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था। हालांकि, कांग्रेस सांसद शशि थरूर की इस पर अलग राय थी। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया था। शशि थरूर के इस बयान की वरिष्ठ भाजपा नेता राज पुरोहित ने तारीफ की है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की "भारत कोई मृत अर्थव्यवस्था नहीं है" वाली टिप्पणी पर वरिष्ठ भाजपा नेता राज पुरोहित कहते हैं, "शशि थरूर की बदलती मानसिकता दिखाई दे रही है। ऐसा लगता है कि भगवान ने उन्हें सद्बुद्धि दी है।"

राज पुरोहित ने की तारीफ

राज पुरोहित ने शशि थरूर को बधाई देते हुए कहा, "जिस तरह से वह वास्तविकता को स्वीकार कर रहे हैं और राहुल गांधी और सोनिया गांधी जैसे झूठ बोलने वालों या पाकिस्तान की भाषा में बोलने वालों से खुद को दूर कर रहे हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूं। उन्होंने अपनी विदेश यात्रा के दौरान आतंकवाद पर भारत के रुख को प्रस्तुत करने में बहुत अच्छा काम किया। वे एक सच्चे देशभक्त है।"

यूरोपीय संघ से भारत की बातचीत - थरूर

आपको बता दें, कि बीते दिन लोकसभा की कार्यवाही के बाद अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता पर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा था कि, "यह एक चुनौतीपूर्ण वार्ता है। हम कई देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। केवल अमेरिका ही बातचीत नहीं कर रहा है। यूरोपीय संघ के साथ हमारी बातचीत चल रही है, हमने ब्रिटेन के साथ एक समझौता पहले ही कर लिया है, और हम अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।"

भारत के पास मजबूत घरेलू बाजार

उन्होंने भारत की विशेषता पर बात करते हुए कहा था कि, "अगर हम अमेरिका में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, तो हमें अमेरिका के बाहर अपने बाजारों में विविधता लानी पड़ सकती है। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। अगर अमेरिका अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से अनुचित है, तो हमें कहीं और जाना होगा। यही भारत की ताकत है; हम चीन की तरह पूरी तरह से निर्यात पर निर्भर अर्थव्यवस्था नहीं हैं। हमारे पास एक अच्छा और मजबूत घरेलू बाजार है। हमें अपने वार्ताकारों को सर्वोत्तम संभव सौदा खोजने के लिए पुरजोर समर्थन देना चाहिए। अगर कोई अच्छा सौदा संभव नहीं है, तो हमें पीछे हटना पड़ सकता है।"

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