PMLA कोर्ट ने लिया एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम सोरेन को आज पेश होने का आदेश, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ईडी के मुताबिक, हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कम से कम 10 समन जारी किए गए थे। लेकिन, सोरेन ने इन समनों का जवाब नहीं दिया और उन्हें नजरअंदाज कर दिया।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
हेमंत सोरेन (मुख्यमंत्री, झारखंड)
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन का उल्लंघन करने के मामले में पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने उन्हें 4 दिसंबर (बुधवार) को पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला रांची के बरगई सर्कल में हुए 8.86 एकड़ भूमि घोटाले से जुड़ा है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
ईडी ने फरवरी 2024 में यह मामला दर्ज किया था, जिसमें हेमंत सोरेन को एजेंसी के समन का पालन न करने पर सीजेएम (चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट) कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने 4 मार्च 2024 को इस मामले में धारा 174 के तहत संज्ञान लिया। इसके बाद, 5 जून को इस मामले को पीएमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। सोरेन ने इस मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की याचिका दाखिल की थी, लेकिन 26 नवंबर 2024 को कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कम से कम 10 समन जारी किए गए थे
ईडी के मुताबिक, हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कम से कम 10 समन जारी किए गए थे। लेकिन, सोरेन ने इन समनों का जवाब नहीं दिया और उन्हें नजरअंदाज कर दिया। इस कारण, समन की अवज्ञा हुई। समन 14 अगस्त 2023 से 31 जनवरी 2024 के बीच जारी किए गए थे, जिनका उल्लंघन करने के लिए पीएमएलए अधिनियम की धारा 63 और आईपीसी की धारा 174 के तहत शिकायत दर्ज की गई थी।
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अब, पीएमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन को समन का उल्लंघन करने के मामले में 4 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला उनके लिए गंभीर हो सकता है, क्योंकि अगर वह कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
झारखंड में लगातार दूसरी बार बनी है हेमंत सोरेन की सरकार
आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इडिया ब्लॉक ने 56 सीटों के साथ झामुमो को जीत दिलाई है। जेएमएम ने 34 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगियों ने 22 सीटें हासिल कीं। सहयोगियों में से कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं, आरजेडी ने चार और सीपीआई-एमएल ने दो सीटें जीतीं। झारखंड में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने केवल 24 सीटें जीतीं। भाजपा ने 21 सीटें हासिल कीं, जबकि उसके सहयोगी आजसू पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और जेडी-यू ने एक-एक सीट जीती। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने एक सीट जीती, जिसके प्रमुख जयराम कुमार महतो डुमरी निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए।
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