झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस-JMM में बढ़ी तकरार, हेमंत सोरेन ने दोनों सीटों पर ठोका दावा
Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की सीटों को लेकर महागठबंधन के भीतर मतभेद बढ़ गए हैं। कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद JMM ने दोनों सीटों पर दावा ठोक दिया है।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Image- Social Media)
Rajya Sabha Election Differences Between Congress And JMM: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। आपको बता दें कि कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का दावा ठोक दिया है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई पार्टी विधायकों की बैठक में दोनों सीटों पर झामुमो उम्मीदवार उतारने पर सहमति बनने के बाद, महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर टकराव और तेज होता नजर आ रहा है।
दोनों सीटों पर JMM ने ठोका दावा
झामुमो के इस बैठक के बाद पार्टी नेता योगेंद्र प्रसाद और हफीजुल हसन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सभी विधायकों की सर्वसम्मत राय बनने के बाद ही पार्टी ने दोनों राज्यसभा सीटों पर झामुमो प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। झामुमो नेताओं ने कहा कि राज्य में सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के नाते दोनों सीटों पर पार्टी का स्वाभाविक दावा बनता है, और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा 8 जून से पहले कर दी जाएगी।
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हेमंत सोरेन से मुलाकातें भी नहीं आईं काम
झामुमो पार्टी का यह रुख तब देखने को मिला है, जब कांग्रेस ने गुरुवार देर रात को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और एआईसीसी राजनीतिक सलाहकार ने प्रणव झा को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया।
इसके अलावा कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने भी हाल के दिनों में रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी और राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस को देने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद अब झामुमो पार्टी के द्वारा दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने दावा ठोके दिए जाने के बाद से सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर का मतभेद खुलकर सबके सामने उजागर हो गया है।
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सीटों के बंटवारे पर अड़ा गठबंधन
झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने लायक पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन उम्मीदवारों को लेकर पैदा हुआ यह गतिरोध अब गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार की घोषणा के बाद पीछे हटने के संकेत नहीं दे रही, वहीं झामुमो भी दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहा। नामांकन प्रक्रिया के बीच दोनों सहयोगी दलों के बीच बढ़ी यह खींचतान राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा घटनाक्रम बन गई है और अब निगाहें हेमंत सोरेन तथा कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ
