झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन में आई दरार! कांग्रेस-RJD में खिंची तलवार, किसने क्या कहा?

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद इंडी गठबंधन में रार बढ़ी। कांग्रेस ने राजद और माले पर लगाया क्रॉसवोटिंग का आरोप, सहयोगियों ने किया प
rahul tejashwi
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव (Image- Social Media)
Updated on

Jharkhand Rajya Sabha Election Cross Voting: झारखंड में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद इंडी गठबंधन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों के भीतर कांग्रेस ने सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा (माले) पर क्रॉसवोटिंग का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों दलों ने कांग्रेस पर ही पलटवार करते हुए उसके संगठनात्मक प्रबंधन और विधायकों पर पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में झामुमो के बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा में संख्याबल इंडिया गंठबंधन के पक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस की हार ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

RJD और लेफ्ट पर कांग्रेस का आरोप

झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने परिणाम के बाद कहा कि हमारे प्रत्याशी को कांग्रेस और झामुमो के अपेक्षित वोट मिले, लेकिन राजद और भाकपा (माले) की ओर से समर्थन नहीं मिला। उन्होंने इन दोनों सहयोगी दलों के कुछ विधायकों पर एनडीए समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी सहयोगी दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि महागठबंधन के घटक दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि मतदान के दौरान उनका रुख क्या था?

कांग्रेस के आरोपों पर RJD ने क्या कहा?

कांग्रेस के इन आरोपों को राजद और भाकपा (माले) दोनों ने सिरे से खारिज कर दिया है। राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार इंडी गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि मतदान के दौरान वे स्वयं अधिकृत एजेंट के रूप में मौजूद थे और विधायकों ने उन्हें वोट दिखाकर मतदान किया था। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को तथ्यहीन और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री संजय यादव ने कहा कि राजद हमेशा गठबंधन धर्म का पालन करने वाली पार्टी रही है। कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन और विधायकों के बीच स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।

अपनी राजनीतिक विफलता का ठीकरा फोड़ने की कोशिश

राजद विधायक सुरेश पासवान ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलता का ठीकरा सहयोगी दलों पर फोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजद के चारों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उधर, भाकपा (माले) ने भी कांग्रेस के आरोपों का कड़ा प्रतिवाद किया है। पार्टी के झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि माले के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार को ही वोट दिया। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद थे और उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया का सत्यापन किया था।

कांग्रेस पर लेफ्ट के आरोप

भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी कहा कि कांग्रेस अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए सहयोगी दलों पर आरोप लगा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना प्रमाण सहयोगियों पर आरोप लगाने से इंडी गठबंधन की एकजुटता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम ने महागठबंधन के भीतर मौजूद अंतर्विरोधों को सार्वजनिक कर दिया है। कांग्रेस जहां क्रॉस वोटिंग के लिए सहयोगी दलों को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं राजद और माले का दावा है कि कांग्रेस अपने ही विधायकों का पूरा समर्थन जुटाने में विफल रही।  -एजेंसी इनपुट के साथ

Navbharat Live
navbharatlive.com