Jharkhand: वक्फ संशोधन विधेयक पर भड़के झारखंड के मंत्री, बोले- जुल्मी सरकार का अंत तय है

Jharkhand News: मंत्री इरफान अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर BJP सरकार पर देश में माहौल खराब करने का आरोप लगाया। वे बोले केवल कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी ही इस विपत्ति को समाप्त कर सकते हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर भड़के झारखंड के मंत्री, बोले- जुल्मी सरकार का अंत तय है
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी (सोर्स - सोशल मीडिया)
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रांची: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद देशभर में विरोध तेज हो गया है। झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने इस पर केंद्र की भाजपा सरकार को जमकर घेरा और कहा कि यह विधेयक देश का माहौल बिगाड़ने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समुदाय को दूसरे को खुश करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है और कांग्रेस इस अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेगी। अंसारी ने कहा कि केवल राहुल गांधी ही इस विपत्ति का समाधान कर सकते हैं और यह विधेयक कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर न केवल विपक्षी दल आक्रोशित हैं बल्कि देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। मणिपुर के बिष्णुपुर में मुस्लिम समुदाय ने इसे वापस लेने की मांग करते हुए सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। वहीं कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी जैसे दल इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं। इन दलों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को प्रभावित करेगा और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों में हस्तक्षेप है।

सरकार का पक्ष और विधेयक की मंजूरी

केंद्र सरकार का दावा है कि वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता लाना है। इस विधेयक के माध्यम से पंजीकरण, सर्वेक्षण, विवादों के समाधान और विकास प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है। सरकार का कहना है कि यह अधिनियम किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि जनहित में है और इससे वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग होगा।

विपक्ष का विरोध और सुप्रीम कोर्ट की राह

कांग्रेस, एआईएमआईएम और आप समेत कई विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह अल्पसंख्यकों की धार्मिक और सामाजिक संरचनाओं में दखल है और इससे देश का सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होगा।

यही कारण है कि इन दलों ने इस विधेयक को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है और इसे रद्द करने की मांग की है। विपक्ष इसे भाजपा सरकार की नीतिगत राजनीति का हिस्सा बता रहा है।

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