बाबूलाल मरांडी, फोटो - सोशल मीडिया
रांची : बीते साल 23 नवंबर को झारखंड विधानसभा चुनाव का नतीजा आया था, जिसमें भाजपा को करारी हार मिली थी और हेमंत सरकार की दमदार वापसी हुई थी। झारखंड में नए सरकार गठन के लगभग 4 महीने हो गए हैं, पर अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं हो पाया था।
झारखंड में सरकार गठन के लगभग 4 महीने हो चुके हैं। अब लगभग 4 महीने बाद झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए दिग्गज नेता बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता चुना है। यानी बाबू लाल मरांडी अब झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी होंगे।
बता दें कि इससे पहले इस रेस में कई दिग्गजों के नामों की अटकलें तेज हो गई थी। पर्यवेक्षक भूपेन्द्र यादव ने कहा कि विधायकों ने सर्वसम्मति से बाबूलाल मरांडी को नेता चुना है। नवीन जायसवाल, नीरा यादव, राज सिन्हा ने इसके लिए प्रस्ताव रखा।
आपको बता दें कि बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं। इनका जन्म 11 जनवरी 1958 को गिरिडीह जिले के कोदाईबांक नामक गांव में हुआ है। इन्होंने रांची विश्वविद्यालय से भूगोल में स्नातकोत्तर की है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही बाबूलाल मरांडी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। संघ से पूरी तरह जुड़ने से पहले मरांडी ने गांव के स्कूल में कुछ सालों तक कार्य किया था।
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बाबूलाल मरांडी को झारखंड क्षेत्र के विश्व हिन्दू परिषद का संगठन सचिव बना दिया गया। वह झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बाबूलाल मरांडी 12वीं, 13वीं, 14वीं और 15वीं लोकसभा में सांसद भी रहे हैं। बाबूलाल मरांडी 1998 से 2000 में एनडीए सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री भी थे।