बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान, झारखंड की नई आबकारी नीति एक और घोटाले की पटकथा
झारखंड के भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन की नई शराब नीति को लेकर सवाल उठाया है। कहा है कि यह किसी घोटाले की पटकथा लग रही है। कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ये नई शराब नीति बनाई है।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
बाबूलाल मरांडी ने नई आबकारी नीति पर सोरेन सरकार को घेरा
रांची: झारखंड सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर अब भाजपा की ओर से बड़ा बयान आ रहा है। प्रदेश भाजपा प्रमुख बाबूला मरांडी ने कहा है कि सरकार की नई आबकारी नीति एक और बड़े घोटाले की पटकथा की तरह है। उन्होंने मांग की है कि प्रति व्यक्ति शराब की केवल एक खुदरा दुकान आवंटित की जाए।
प्रदेश भाजपा प्रमुख मरांडी ने दावा किया कि नई आबकारी नीति राज्य में कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। झारखंड कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को नई आबकारी नीति को मंजूरी देते हुए निजी कंपनियों को राज्य में शराब की खुदरा बिक्री की अनुमति दी।
सोरेन कार्यकाल में ये तीसरी आबकारी नीति
मरांडी ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत एक व्यक्ति जिले में अधिकतम 12 दुकानें और पूरे राज्य में 36 दुकानें खरीद सकता है, लेकिन इनका आवंटन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की ओर से उनके कार्यकाल में पेश की गई यह तीसरी आबकारी नीति है। वास्तव में यह किसी घोटाले की एक और पटकथा जैसी लग रही है।
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छोटे उद्यमियों या बेरोजगारों को लाभ नहीं
किसी व्यक्ति या कंपनी को जिले में अधिकतम 12 दुकानें खोलने की परमिशन देने का प्रावधान बताता है कि यह कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई नीति है। इसमें बेरोजगार युवाओं, छोटे उद्यमियों या ग्रामीण समुदायों को लाभ नहीं पहुंचाएगा।
शराब कारोबार में समान अवसर दे सरकार
मरांडी ने कहा, मैं मांग करता हूं कि सरकार शराब कारोबार में समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रति व्यक्ति एक दुकान की नीति अपनाई जाए। इससे स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा क्योंकि झारखंड में 1,453 खुदरा शराब की दुकानें हैं। ज्यादा लोगों दुकानें खोल सकेंगे तो बेरोजगारी भी दूर होगी।
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लाइसेंस होल्डर को ही दी जाएं दुकानें
मरांडी ने कहा कि झारखंड सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुकानें केवल लाइसेंस होल्डर व्यक्ति की ओर से संचालित की जाएं। मरांडी ने आग्रह किया कि अनुसूचित क्षेत्रों में दुकानें केवल आदिवासियों को आवंटित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दुकानें आवंटित करने में प्राथमिकता राज्य में हड़िया शराब बेचने वाली महिलाओं को दी जानी चाहिए।
