Jammu Kashmir Protest (Image Source: Social Media)
Jammu Kashmir Protest: अयातुल्ला खामेनेई की मौत के तीसरे दिन बाद भी कश्मीर की घाटी में प्रदर्शन जारी रहा। जिन्हें देखते हुए प्रशासन ने कड़े एक्शन लिए हैं और सुरक्षा को बढ़ा दिया है। घाटी में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए, जबकि कश्मीर विश्वविद्यालय ने 3 मार्च यानी आज होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और इंटरनेट की स्पीड को भी लिमिटेड कर दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसलें बढ़ते प्रदर्शनों को देखते हुए लिए हैं, बताया जा रहा है कि हिंसक झड़पों में 14 प्रदर्शनकारी घायल हुए। जम्मू संभाग के पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़ और डोडा में भी बंद और प्रदर्शन देखने को मिले।
प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कई इलाकों, खासकर शिया बहुल क्षेत्रों में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई, कई स्थानों पर कंटीली तार और बैरिकेड्स लगाकर रास्ते सील किए गए। लाल चौक, आबीगुजर, आलमगिरी बाजार, फतेहकदल, हारवन-शालीमार समेत बारामुला, पट्टन, मागाम, बडगाम, पुलवामा, शोपियां और बांडीपोरा में विशेष पाबंदियां रहीं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ की अतिरिक्त तैनाती की गई, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुई हैं।
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जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “ईरान में किस तरह की सरकार बनेगी, यह तय करना ईरान की जनता पर निर्भर है। कोई भी अंतरराष्ट्रीय कानून बाहरी बमबारी के जरिए सत्ता परिवर्तन की अनुमति नहीं देता। सबसे पहले, ईरान के सर्वोच्च नेता और उनके परिवार की जिस बेरहमी से हत्या की गई, किस कानून ने अमेरिका या इजराइल को ऐसा करने की इजाजत दी? सबसे पहले, मैं ईरान की जनता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और उस हमले की निंदा करता हूं।
#WATCH | Israel-Iran conflict | Jammu: Jammu and Kashmir Chief Minister Omar Abdullah says, “It is up to the people of Iran to decide what kind of government will be in place in Iran. No international law allows for a regime change through external bombing. First, the way Iran’s… pic.twitter.com/FkCsIS9z3y — ANI (@ANI) March 3, 2026
उन्होंने आगे कहा कि मैं जम्मू और कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि वह स्थिति को बिगड़ने न दें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, मेरा धार्मिक नेताओं से अनुरोध है कि वह अपना दुख व्यक्त करें लेकिन कानून को अपने हाथ में न लें, हम विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। ईरान में मौजूद हमारे छात्रों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कुछ छात्रों को देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है, मैं उनसे दूतावास द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करूंगा।