मोदी का वादा, क्यों रहा आधा? जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली में NC का प्रदर्शन
NC Protest: दिल्ली में एनसी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और संसद में किए गए वादे को पूरा करने की मांग की।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करते हुए (सोर्स-एआई नीर्मित)
NC Omar Abdullah Jammu Kashmir Statehood Protest: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ता और नेता जम्मू-कश्मीर हाउस में एकत्र हुए और केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा संसद और सुप्रीम कोर्ट में किए गए वादे को पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपना वादा पूरा करो और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार और सम्मान बहाल करो जैसे नारे लगाए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने परिसीमन और विधानसभा चुनावों के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल केंद्र को उसी वादे की याद दिलाने आई है। सीजेपी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताया और कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उठने वाली आवाजों का समर्थन किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान करेगी।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस के नेता भी एनसी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जिनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और एआईसीसी सदस्य गुलाम अहमद मीर शामिल थे। एनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अगुवाई में, नेता और कार्यकर्ता संसद के मानसून सत्र के पहले दिन पृथ्वीराज रोड स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में जमा हुए। उनके हाथों में ऐसे प्लेकार्ड थे, जिन पर लिखा था ‘अपना वादा पूरा करो’, ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार और सम्मान बहाल करो’ और ‘पूरा राज्य का दर्जा बहाल करो।’ प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी का वादा, क्यों रहा आधा’ जैसे नारे भी लगाए।
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संसद और सुप्रीम कोर्ट के वादे का हवाला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की ओर जाते देखा गया, जहां जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने पर एक सेमिनार हो रहा था। फारूक अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, हम राज्य के दर्जे के लिए लड़ रहे हैं, जिसका वादा प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद और सुप्रीम कोर्ट में किया था।
यह वादा जम्मू-कश्मीर की जनता से भी किया गया था। उन्होंने आगे कहा मुझे उम्मीद है कि सरकार देश के लोगों की इच्छाओं का सम्मान करेगी। मुझे उम्मीद है कि वे देश की भलाई के लिए काम करेंगे और लद्दाख की समस्याएं भी हल होंगी और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।
सीजेपी प्रदर्शन पर युवाओं का किया समर्थन
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा वे हमारा कल हैं। वे हमारा भविष्य हैं। मेरी नजर में, ये युवा बच्चे ही भारत में असली बदलाव लाएंगे। आज, वे जीने के अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं, और हम सभी उनके साथ खड़े हैं।
ऐसी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, जो उनका समर्थन न कर रही हो। हर कोई उनके साथ एकजुट है। हम उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि हम उनके साथ खड़े रहेंगे क्योंकि वे ही हमें उस तरह के देश की ओर ले जाएंगे, जिसकी कल्पना महात्मा गांधी ने की थी।
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मानसून सत्र में राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाने की तैयारी
फारूक अब्दुल्ला ने कहा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि हमारी सिर्फ एक ही मांग है हमसे किया गया वादा पूरा करें। आप पूरी दुनिया को बताते हैं कि आपने कश्मीर में हालात संभाल लिए हैं। आपने हमसे वादा किया था कि जब परिसीमन (डिलिमिटेशन) पूरा हो जाएगा और चुनाव हो जाएंगे, तो आप हमारा राज्य का दर्जा बहाल कर देंगे। हम आज बस उन्हें उसी वादे की याद दिलाने आए हैं।
दूसरी राजनीतिक पार्टियों के जो साथी हमारे साथ जुड़े हैं, वे भी इस मामले में हमारे साथ एकजुट हैं। संसद के चल रहे मानसून सत्र पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा ठीक इसीलिए हम यहां आए हैं। अभी मानसून सत्र चल रहा है, इसलिए हम उन्हें उस वादे का सम्मान करने और उसे पूरा करने की याद दिलाने के लिए आए हैं।
