कश्मीर में रमजान के बीच तनाव, मीरवाइज उमर फारूक का दावा, अधिकारियों ने किया घर में नजरबंद
Kashmir Restrictions News: कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने रमजान के दौरान खुद को नजरबंद किए जाने का दावा किया है। जिसके चलते उन्होंने घाटी में बढ़ती पाबंदियों पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
- Written By: सजल रघुवंशी
मीरवाइज उमर फारूक (स्त्रोत- सोशल मीडिया)
Mirwaiz Umar Farooq House Arrest: कश्मीर के वरिष्ठ धार्मिक नेता और मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने दावा किया है कि अधिकारियों ने उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पवित्र रमजान के महीने में घाटी में सुरक्षा पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं।
मीरवाइज ने कहा कि जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार जामा मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्ते बैरिकेड्स से बंद कर दिए गए हैं, जिससे मस्जिद का पल्पिट (मिंबर) शांत है। उन्होंने इस स्थिति को अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
ईरान-इजरायल संघर्ष पर मुखर हुए मीरवाइज
अपनी नजरबंदी के बीच मीरवाइज उमर फारूक ने वैश्विक भू-राजनीति, विशेषकर ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु को एक बड़ी क्षति बताते हुए इसे एक ‘बेरहमी से की गई हत्या’ करार दिया। मीरवाइज ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल अपने रणनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक संप्रभु देश ईरान पर हमला और इस तरह की आक्रामकता ने पूरे क्षेत्र को गहरे संकट और दुख में धकेल दिया है।
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घाटी में एकजुटता का संदेश
मीरवाइज ने दावा किया कि ईरान पर हमले के विरोध में पूरे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और कारगिल के लोगों ने एक मंच पर आकर एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम ‘उम्माह’ (वैश्विक समुदाय) के तौर पर लोग इस नाइंसाफी के खिलाफ एक आवाज में खड़े हैं। उन्होंने फिलिस्तीन और ईरान के लोगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी एक हिस्से पर हुई नाइंसाफी का दर्द पूरे समुदाय को महसूस होता है। उन्होंने युद्ध और हिंसा को इंसानी जान के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
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शांतिपूर्ण रही शुक्रवार की नमाज
एक ओर जहां मीरवाइज ने कशमीर में पाबंदियों की आलोचना की, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से घाटी के सभी जिलों, कस्बों और गांवों में शांति बनी रही। शुक्रवार की नमाज विभिन्न मस्जिदों में सामूहिक रूप से अदा की गई। पूरे कश्मीर से किसी भी प्रकार की अनहोनी या हिंसक घटना की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन आम जनजीवन सामान्य रूप से चलता रहा। फिलहाल घाटी की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
