दिल्ली से दूरी मिटानी है तो मेरी बात माननी पड़ेगी, उमर अब्दुल्ला की केन्द्र सरकार से अपील
Jammu-Kashmir के CM Omar Abdullah ने एक बार फिर से उम्मीद जताई कि राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा इससे निर्वाचित सरकार को ज्यादा अधिकार मिलेंगे और जनता से किए गए वादे पूरे होंगे।
- Written By: सौरभ शर्मा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो- सोशल मीडिया)
Omar Abdullah Statehood demand: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से सीधी अपील करते हुए कहा कि अगर दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच की ‘दूरी’ को कम करना है, तो यह कदम उठाना ही होगा। अनंतनाग में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य का दर्जा जल्द बहाल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्यों चुनी हुई सरकार के हाथ बंधे हुए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने समझाया कि अभी कई संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थानों पर चुनी हुई सरकार का नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल का पद खाली है और ‘बिजनेस रूल्स’ भी लागू नहीं हैं। सीएम ने कहा कि राज्य का दर्जा मिलने से सरकार को जनता से किए वादे पूरे करने के लिए अधिक अधिकार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 5 साल के एजेंडे पर काम कर रही है और 5 साल बाद ही जनता उनके काम का फैसला करे।
उपचुनावों पर गठबंधन का रुख
मुख्यमंत्री ने बडगाम और नगरोटा विधानसभा उपचुनावों पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) बडगाम सीट से खुद चुनाव लड़ेगी। वहीं, नगरोटा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी गई है और एनसी वहां कांग्रेस को समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने हाईकमान से अनुमति मांगी है और अगर मंजूरी मिलती है, तो कांग्रेस उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेगा। एनसी उसे जिताने की पूरी कोशिश करेगी। जब उनसे पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के निजी विधेयकों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष करते हैं। उन्होंने साफ किया कि मेरी सरकार जनता के हित में किसी भी विधेयक में बाधा नहीं बनेगी, लेकिन बिल पर चर्चा का फैसला अध्यक्ष ही करते हैं।
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वादे पूरे होंगे, लेकिन एक शर्त
उमर अब्दुल्ला ने किसानों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि फलों और फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से विशेष राहत पैकेज पर चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि बागवानी या कृषि में जहां भी नुकसान हुआ है, उसका आकलन कर लिया गया है और मुआवजे के लिए केंद्र से बातचीत जारी है। कोविड काल में दर्ज एफआईआर वापस लेने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी मजबूरी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी पुलिस और कानून-व्यवस्था हमारे पास नहीं है। उन्होंने वादा किया कि जब ये अधिकार चुनी हुई सरकार को मिलेंगे, तो वे अपने बाकी वादे भी जरूर पूरे करेंगे। यह पूछे जाने पर कि राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा, उन्होंने कहा कि यह केवल केंद्र और बीजेपी ही बता सकती है।
