जेल से भागता कैदी। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई
Jammu and Kashmir Juvenile Home Firing News : जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्थित एक बाल सुधार गृह से आज देर शाम तीन किशोर बंदी पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर फरार हो गए। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर नया डर पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी नियमित निगरानी कर रहे थे। तीनों बाल अपचारियों ने सुनियोजित तरीके से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया और वहाँ से भागने में सफल रहे। फरार होने वालों में दो पाकिस्तानी किशोर हैं, जिनकी पहचान ननकाना साहिब के निवासी अहसान अनवर और मुजफ्फराबाद (पंजाब, पाकिस्तान) के मोहम्मद सनाउल्लाह के रूप में हुई है। तीसरा फरार बंदी स्थानीय निवासी करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा है, जो आरएस पुरा के डबलेहर इलाके का रहने वाला है।
जैसे ही वायरलेस पर इस घटना की सूचना मिली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आरएस पुरा पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए आसपास के सभी संभावित रास्तों की घेराबंदी कर दी है। फरार किशोरों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं, जो संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि घेरा सख्त है और जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने कई ऐसे सवाल छोड़ दिए हैं जिनका जवाब मिलना बेहद जरूरी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सुधार गृह के भीतर इन बंदियों के पास हथियार या हमले के उपकरण पहुंचे कैसे? क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है?
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पाकिस्तानी बंदियों की मौजूदगी और स्थानीय बंदी के साथ उनकी मिलीभगत सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। अधिकारी अब इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रहे हैं कि ननकाना साहिब, मुजफ्फराबाद और आरएस पुरा के इन तीनों किरदारों के बीच क्या कोई गुप्त संपर्क था? क्या सीमा पार से कोई खतरनाक खेल रचा जा रहा है? फिलहाल पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है ताकि इस फरारी के पीछे के असल सच का पर्दाफाश हो सके।