जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की सूचना
जमीन की जीनत कश्मीर में एक बार फिर सेना के जवानों ने नापाक इरादों वाले आतंकियों को घेर लिया है। किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक जंगल में छिपे आतंकी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं। वहीं, सेना के जवान भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह
प्रतीकात्मक चित्र (सोर्स-सोशल मीडिया)
श्रीनगर: जमीन की जीनत कश्मीर में एक बार फिर सेना के जवानों ने नापाक इरादों वाले आतंकियों को घेर लिया है। किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक जंगल में छिपे आतंकी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं। वहीं, सेना के जवान भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में शनिवार की शाम सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगलों में छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जिसके बाद सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। खबरों के मुताबिक सेना के जवान चारों तरफ से आतंकियों को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे उन्हें नेस्तानाबूद किया जा सके।
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शुरुआती जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ किश्तवाड़ जिले के चटरू इलाके में चल रही है। बताया जा रहा है कि जंगलों में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। जो कि सुरक्षाबलों के शिकंजे से ज्यादा दूर नहीं हैं।
बीते कल रियासी में हुई थी मुठभेड़
शुक्रवार शाम को रियासी के चसाना इलाके में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। यहां अभी भी सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी है। उम्मीद है जल्द ही सुरक्षाबल आतंकियों को ढूंढ निकालेंगे।
जम्मू क्षेत्र में बढ़ीं आतंकी गतिविधियां
जब से चुनाव का ऐलान हुआ है तब से जम्मू क्षेत्र में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। हाल ही में हुए आतंकी हमलों पर नजर डालें तो साफ है कि आतंकी अब सुरक्षा बलों के सामने आने से बच रहे हैं। वे घात लगाकर हमला कर रहे हैं। वे ऐसी जगहों को चुन रहे हैं, जहां से अतिरिक्त सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले ही वे नौ दो ग्यारह हो सकें।
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घात लगाकर किए जाने वाले हमलों में आतंकियों की मदद करने वाले ओजीडब्ल्यू यानी ओवर ग्राउंड वर्कर्स की भूमिका पहले भी देखी गई है। ये ओजीडब्ल्यू ही होते हैं जो आतंकियों को सुरक्षा बलों के बारे में इनपुट देते हैं।
