- Hindi News »
- Jammu Kashmir »
- Engineer Rashid Bail Plea Hearing Nia In Terror Funding Case High Court Hearing Jammu Kashmir
सांसद इंजीनियर राशिद की जमानत पर आज फैसला! मिलेगी रिहाई या फिर जेल में ही होगा रहना, NIA कर चूका विरोध
Engineer Rashid: लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद की नियमित जमानत याचिका पर निचली अदालत 19 मार्च को फैसला सुनाने वाली है।
- Written By: राहुल गोस्वामी

इंजीनियर राशिद, फोटो - मीडिया गैलरी
नई दिल्ली : जहां एक तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद की याचिका पर बीते 25 मार्च को सुनवाई तय की है। याचिका में उन्होंने संसद के मौजूदा सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी है। वहीं आज यानी 19 मार्च को निचली अदालत इंजीनियर रशीद की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाने वाली है।
इस बाबत बीते 18 मार्च को जस्टीस चंद्र धारी सिंह और जस्टीस अनूप जे भंभानी की पीठ ने सुनवाई तब स्थगित कर दी थी जब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के वकील ने कहा था कि बारामूला के निर्दलीय सांसद की नियमित जमानत याचिका पर निचली अदालत 19 मार्च को फैसला सुनाने वाली है। रशीद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें बीते सोमवार शाम को याचिका पर एजेंसी का जवाब मिला था।
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
सम्बंधित ख़बरें
संभाजीनगर में सफाई कर्मियों के लिए हेल्थ कैंप, स्वास्थ्य शिविर में कई बीमारियां उजागर; 143 की जांच
Sambhajinagar के इंडस्ट्रियल सप्लायर्स संकट में, बढ़ती लागत ने बढ़ाई चिंता; कच्चे माल की भारी किल्लत
नवभारत संपादकीय: खाड़ी युद्ध का असर: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत?
कश्मीर में बड़े आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़, 16 साल से फरार चल रहे आतंकी सरगना अबू हुरैरा समेत 5 गिरफ्तार
जानकारी दें कि, रशीद पर 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा चल रहा है। उन्होंने बीते 10 मार्च के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें चार अप्रैल तक लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अभिरक्षा पैरोल या अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
इस बाबत NIA ने दलील दी थी कि रशीद को न तो अंतरिम जमानत दी जा सकती है और न ही अभिरक्षा पैरोल दी जा सकती है, क्योंकि हिरासत में रहते हुए उन्हें संसद सत्र में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है। जांच एजेंसी ने रशीद पर ‘फोरम शॉपिंग’ और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘‘निर्वाचन क्षेत्र की सेवा” करने के उनके इरादे से संबंधित ‘‘अस्पष्ट कथनों” के मद्देनजर उन्हें राहत देने का कोई वैध आधार नहीं है।
NIA ने कहा था कि, लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के समय, एक विशेष अदालत द्वारा रशीद के खिलाफ मामले में आरोप तय किए गए और मुकदमा चल रहा है। NIA ने कहा था कि, आरोपी को पता है कि वह यूएपीए के तहत दंडनीय गंभीर अपराधों के लिए न्यायिक हिरासत में है और इसलिए लोकसभा सदस्य के रूप में उसके चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। उसने कहा कि इसका इस्तेमाल वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को सेवाएं प्रदान करने की आड़ में अंतरिम जमानत पाने के साधन के रूप में नहीं कर सकते।
विदेश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
रशीद को जम्मू कश्मीर में गवाहों को प्रभावित करने के लिहाज से एक ‘‘अत्यधिक प्रभावशाली” व्यक्ति बताते हुए एजेंसी ने कहा, ‘‘UAPA की धारा 43डी(5) के तहत आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है, यदि यह मानने के लिए उचित आधार हैं कि आरोपी के खिलाफ आरोप प्रथम दृष्टया सत्य हैं।” उसने कहा कि साथ ही अपील यूएपीए की धारा 43डी(5) के तहत निर्धारित दोहरे परीक्षणों को भी संतुष्ट नहीं करती है और तदनुसार, अपील खारिज किए जाने योग्य है।
संसद सत्र में भाग लेने के लिए याचिकाकर्ता को आमंत्रित करने के वास्ते भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी किए गए समन को ‘‘नियमित औपचारिकता” बताया गया, जो सभी सांसदों को भेजा गया था, न कि केवल रशीद को। NIAने कहा कि रशीद की नियमित जमानत याचिका पर आदेश 19 मार्च को आया था और लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने के वास्ते अंतरिम जमानत के लिए उनकी पिछली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। बीते 12 मार्च को, हाई कोर्ट ने रशीद की अपील पर NIAका रुख पूछा था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Engineer rashid bail plea hearing nia in terror funding case high court hearing jammu kashmir
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Nashik मनपा बैठक में हंगामा, पानी संकट और गड्ढों पर बहस; पारदर्शिता पर उठे सवाल
Apr 10, 2026 | 11:19 AMकांकेर में दो कारों की भीषण टक्कर…एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, चारों ओर मची चीख-पुकार! देखें VIDEO
Apr 10, 2026 | 11:16 AMनेतन्याहू ने फटकारा तो ट्वीट डिलीट कर भागे ख्वाजा आसिफ! इजरायल को बताया था कैंसर, मध्यस्थता पर उठे सवाल
Apr 10, 2026 | 11:15 AMमुरली बांध हत्याकांड में खौफनाक मोड़! जिस बेटे ने कबूला ‘खून’, उससे नहीं मिला शव का DNA; फिर निकाली दफन की लाश
Apr 10, 2026 | 11:11 AMAnant Ambani Birthday: भाई कहकर सलमान खान ने लुटाया प्यार, अनंत अंबानी के बर्थडे पर उमड़ा सितारों का सैलाब
Apr 10, 2026 | 11:11 AMकलेक्टर का पद संभालते ही एक्शन मोड में वसुमना पंत, चंद्रपुर में अचानक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में मचा हड़कंप
Apr 10, 2026 | 10:57 AMMumbai Metro 3 का बड़ा तोहफा! स्टूडेंट्स और टूरिस्ट्स को मिलेगी किराए में भारी छूट, जानें पास की नई दरें
Apr 10, 2026 | 10:50 AMवीडियो गैलरी

बेंगलुरु की सड़क पर जोंबी जैसा खड़ा दिखा युवक! क्या भारत में आ गया अमेरिका वाला खतरनाक ड्रग? वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:53 PM
इटावा रेलवे स्टेशन पर शर्मनाक! भगवाधारी बुजुर्ग को चोटी पकड़कर घसीटा, बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:32 PM
ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ की साजिश! बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा वीडियो लीक, ED जांच की मांग
Apr 09, 2026 | 09:26 PM
ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM














