जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल। इमेज-सोशल मीडिया
Jammu Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर के डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर के बसंतगढ़ के बाद अब कठुआ के पहाड़ी क्षेत्र बिलावर से भी आतंकी भाग निकले। बुशाम को उज्ज दरिया के कमांड क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चार घंटे चली। इसके बाद आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल भाग गए। अंधेरे और खतरनाक भू-भाग के बावजूद सुरक्षाबल जंगल में एहतियात बरतते हुए तलाशी अभियान जारी रखे हैं। ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। वहीं, सुरक्षाबलों ने आज आतंकवादियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एक सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हो गया है।
आतंकी तीन हैं। ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हो सकते हैं, जो हीरानगर से घुसपैठ करने के लिए कई दिनों से सीमा पार दिख रहे थे। यह इस साल का पहला बड़ा आतंकरोधी ऑपरेशन है। पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। इस अभियान की निगरानी एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा रही हैं।
स्थानीय लोगों ने शाम चार बजे कमाड नाला के पास संदिग्ध लोग देखे थे। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस के विशेष अभियान दल (SOG) मौके पर पहुंच गए। सुरक्षाबलों को साढ़े चार बजे संदिग्धों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, तभी एक आतंकी ने आगे से जवानों पर गोलीबारी की। उस पर जवाबी कार्रवाई की गई।
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दोनों ओर से गोलीबारी हुई, जो रात 8 बंद हो गई। मुठभेड़ स्थल पर पहले एसएसपी मोहित शर्मा पहुंचीं, उसके बाद रात में आईजी जम्मू भीमसेन टूटी और डीआईजी शिव कुमार पहुंच गए। सभी अधिकारी ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। आतंकियों की सूचना मिलने पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एसपी ऑपरेशन अनवर इकबाल, एसडीपीओ बिलावर नीरज पडियार, थाना प्रभारी बिलावर इंस्पेक्टर जाहिर मुश्तक भारी सुरक्षा बल के साथ पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी किए हैं।
सेना और सीआरपीएफ ने पूरे क्षेत्र को घेर रखा है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार आतंकियों के भागने के सभी रूट को घेरा है। अंधेरा होने के कारण अभियान में सतर्कता बरती जा रही है।