फारूक अब्दुल्ला के पूर्ण राज्य आंदोलन पर बीजेपी का पलटवार, कहा- देशहित में होगा सही समय पर फैसला
Jammu Kashmir News: फारूक अब्दुल्ला के 'पूर्ण राज्य' आंदोलन पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा उचित समय और अनुकूल परिस्थितियों में ही दिया जाएगा।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
भाजपा नेता तरुन चुघ (सोर्स- सोशल मीडिया)
BJP Statement On Jammu Kashmir Full Statehood: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के प्रस्तावित आंदोलन पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन के लिए फारूक अब्दुल्ला ने विभिन्न राजनीतिक दलों के 52 नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा है। इस पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी राजनीतिक नाकामियों और अधूरे वादों से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और पर्यटन का नया दौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आया है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वर्षों तक राज्य को परिवारवाद, भ्रष्टाचार और अलगाववाद की राजनीति में झोंके रखा। वहीं भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि धरना या चिट्ठियां लिखने से कोई फैसला नहीं होगा और केंद्र सरकार हालात के अनुसार निर्णय लेगी। राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तभी दिया जाएगा, जब सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हों और देश व संसद इस पर संतुष्ट हों।
तरुण चुघ ने NC पर साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि यह ध्यान भटकाने, नाकामी, नाकामयाबी और वादाखिलाफी पर पर्दा डालने के लिए यह गुपकार गैंग उबाल कर रहा है। अब्दुल्ला साहब कभी अपना मैनिफेस्टो निकालकर देखिए, आपने अभी तक अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दशकों तक परिवारवादी, भ्रष्ट और अलगाववादी राजनीति में झोंकने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है।
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प्रधानमंत्री के विकास को पटरी से निचे उतारना चाहते है
साल 1990 में जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए जम्मू-कश्मीर को दहकती आग में झोंक दिया था, जिसके कारण एक लाख साठ हजार कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा। आज वही लोग जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास, पारदर्शिता और पर्यटन के नए दौर पर नजर लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति, विकास और पर्यटन को पटरी पर लाया है, लेकिन ये नेता जानबूझकर इसे पटरी से उतारना चाहते हैं।
शाहनवाज बोले- धरने से नहीं होगा फैसला
वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने फारूक अब्दुल्ला द्वारा 52 पार्टियों के नेताओं को पत्र लिखे जाने पर कहा कि और भी पार्टियां पंजीकृत हैं, उन्हें भी पत्र लिखना चाहिए था। चिट्ठी जब भेजनी ही है तो 52 लोगों को भेजी है या अन्य लोगों को भी भेजें। सरकार जम्मू-कश्मीर की स्थिति के अनुसार फैसला लेगी। धरना देने या चिट्ठी लिखने से कुछ नहीं होने वाला है।
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शांति और सुरक्षा का दिया हवाला
राज्यसभा सदस्य सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि जब स्थितियां ठीक हो जाएंगी तो पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाएगा। आज आप बच्चों को आतंकियों की तारीफ पढ़वा रहे हैं, ऐसी स्थिति में पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाए, इसके लिए देश तैयार नहीं होगा। अभी वे परिस्थितियां नहीं बनी हैं कि पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।
जब अनुकूल परिस्थितियां होंगी, तो यह दर्जा दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं खत्म हो गई हैं और शांति कायम है। जब देश और संसद पूरी तरह से संतुष्ट होंगे तभी अनुकूल परिस्थितियों में पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा।
