
राहुल गांधी, फोटो - मीडिया गैलरी
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने आज लोकसभा में अपने भाषण में कहा कि महाकुंभ विरासत से जुड़ने की राजधानी है। वहीं उनके बयान पर राहुल गांधी ने पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनको बोलने नहीं दिया जाता है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के महाकुंभ वाले बयान पर भी हमला बोला उन्होंने रोजगार को लेकर सवाल उठाया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा, “मैं प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने जिनकी मृत्यु हुई उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा कुंभ में गए उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उसपर भी बोलना चाहिए था… लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था लेकिन नहीं देते हैं, यह नया भारत है।”
महाकुंभ की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए पीएम ने महाकुंभ के बारे में नकारात्मक बातें करने वाले तत्वों पर भी जोरदार हमला बोला। मोदी ने कहा कि महाकुंभ के सफल आयोजन ने उन शंकाओं को भी करारा जवाब दिया है जो कुछ लोगों के मन में हमारी क्षमताओं को लेकर थीं। बता दें कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी लगातार महाकुंभ पर सवाल उठाए थे।
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प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों से की। उन्होंने कहा कि हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। पीएम मोदी ने कहा कि सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था। पीएम मोदी ने कहा कि विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। उन्होंने कहा कि युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।






