राहुल गांधी उमर अब्दुल्ला व मणिशंकर अय्यर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Omar Abdullah on Rahul Gandhi: ‘इंडिया’ गठबंधन का बॉस कौन होना चाहिए? इस सवाल पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तस्वीर साफ की है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का नेतृत्व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सौंपने की वकालत की थी। उनके इसी बयान पर अब्दुल्ला ने अपनी यह साफ प्रतिक्रिया दी है। गौरतलब है कि अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी भी इंडिया ब्लॉक का ही हिस्सा है।
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाते हुए राहुल गांधी हर अहम मौके पर जनहित के मसलों को पूरी मजबूती से उठाते हैं। वह लगातार सत्ताधारी बीजेपी को अपने सवालों के जरिए कड़े निशाने पर लेते हैं। अब्दुल्ला ने राहुल के विरोधियों से सीधा सवाल किया है कि आखिर वे लोग एक विपक्षी नेता के तौर पर उनसे और क्या उम्मीद करते हैं? राहुल संसद में अपना कर्तव्य बखूबी निभा रहे हैं।
गुलमर्ग में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने पूछा कि बीजेपी का डटकर मुकाबला करने में राहुल गांधी में आखिर कौन सी कमी है? उन्होंने कहा कि राहुल ऐसे व्यक्ति हैं जो हर मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए बीजेपी का कड़ा विरोध कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष की मुख्य जिम्मेदारी भी यही होती है। उन्होंने मीडिया से पूछा कि कोई उन्हें राहुल की एक भी खामी गिना दे।
बीते रविवार को कोलकाता के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने यह वकालत की थी कि पार्टी को ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व पूरी तरह से क्षेत्रीय दलों के हाथों में सौंप देना चाहिए। इसी कड़ी में उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि पश्चिम बंगाल की लगातार तीन बार की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को राष्ट्रीय स्तर पर इस विपक्षी गठबंधन की अहम कमान संभालनी चाहिए।
मणि शंकर अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने इसे पूर्व राजनयिक की ‘व्यक्तिगत राय’ मात्र बताया। उन्होंने कहा कि अय्यर को अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन, अब्दुल्ला ने यह स्पष्ट कर दिया कि नेतृत्व के मुद्दे पर अंतिम फैसला ‘इंडिया’ ब्लॉक के सभी घटक दल आपसी सहमति से एक साथ मिलकर ही लेंगे। अभी तक गठबंधन की किसी बैठक में लीडरशिप पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
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गौरतलब है कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को सत्ता से हटाने और 2024 के अहम लोकसभा चुनावों में कड़ी टक्कर देने के उद्देश्य से ही जुलाई 2023 में ‘इंडिया’ गठबंधन की नींव रखी गई थी। हालांकि, यह विपक्षी मोर्चा बीजेपी को लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर काबिज होने से रोकने में सफल नहीं हो सका। इसके बावजूद, इस गठबंधन ने 2014 के बाद पहली बार सत्तारूढ़ दल को बहुमत के आंकड़े से नीचे धकेलने में कामयाबी पाई।