राकेश अग्रवाल
NIA Director: भारत की सुरक्षा एजेंसियों के गलियारों में आज जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है राकेश अग्रवाल। जब देश आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक कठोर बना रहा है, ऐसे समय में केंद्र सरकार ने एक ऐसे अनुभवी अधिकारी पर भरोसा जताया है, जिसने हिमाचल की पहाड़ियों से लेकर राजधानी के सत्ता केंद्रों तक अपनी क्षमता साबित की है।
1994 बैच के इस IPS अधिकारी को अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) जैसी प्रतिष्ठित संस्था की कमान सौंपी गई है। यह नियुक्ति केवल एक पदोन्नति भर नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक फैसला है। इसी क्रम में BSF और ITBP के महानिदेशक भी बदले गए हैं।
भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण कुमार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) का नया महानिदेशक बनाया गया है। वे अपनी सख्त कार्यशैली और रणनीतिक योजना के लिए पहचाने जाते हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा के कई क्षेत्रों में व्यापक अनुभव अर्जित किया है। BSF प्रमुख के रूप में उनके कंधों पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी संवेदनशील सीमाओं की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी होगी। मौजूदा समय में सीमाओं पर घुसपैठ और ड्रोन से जुड़े बढ़ते खतरों को देखते हुए उनकी तकनीकी समझ बल के लिए उपयोगी साबित होगी।
हरियाणा कैडर के 1990 बैच के IPS अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की कमान सौंपी गई है। वे इससे पहले हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) और विजिलेंस चीफ जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। उनकी छवि एक ‘रिजल्ट-ओरिएंटेड’ अधिकारी की मानी जाती है। ITBP प्रमुख के रूप में वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच तैनात हिमवीरों का नेतृत्व करेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और सीमा निगरानी को और सुदृढ़ करना उनके कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।
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NIA इस समय कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है, जिनमें खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क, टेरर फंडिंग और विदेशों से संचालित भारत-विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई शामिल है। राकेश अग्रवाल का पूर्व अनुभव इन मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में सहायक होगा। उनकी नियुक्ति गृह मंत्रालय (MHA) के प्रस्ताव के बाद हुई, जिसे प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने 14 जनवरी 2026 को मंजूरी दी।