क्या है ‘कोरियन गेम’ ? 50 दिन और 50 टास्क, 3 बहनों की जान लेने वाले खूनी गेम की पूरी इनसाइड स्टोरी
What is Korean Lover Game: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सुसाइड नोट ने 'कोरियन लवर गेम' के जानलेवा जाल का पर्दाफाश किया है। जानें क्या है ये गेम।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- AI
Korean Lover Game News: गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। 16, 14 और 12 साल की इन मासूमों की मौत के पीछे ‘कोरियन लवर गेम’ की लत सामने आई है। इस इन-डेप्थ रिपोर्ट में पढ़िए इस जानलेवा गेम की बनावट और 50 दिनों के खौफनाक टास्क का पूरा सच।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर में मंगलवार देर रात करीब 2 बजे एक हृदय विदारक घटना हुई। यहां रहने वाले ऑनलाइन ट्रेडर चेतन कुमार की तीन नाबालिग बेटियों- निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) ने फ्लैट नंबर 907 की बालकनी से एक साथ छलांग लगा दी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों ने बालकनी में स्टूल लगाया, एक-दूसरे के हाथों में हाथ डाले और 9वीं मंजिल से नीचे कूद गईं। स्थानीय लोगों ने रात के सन्नाटे में तेज आवाज सुनी और जब बाहर निकले तो तीनों के शव जमीन पर पड़े थे। पुलिस को मौके से तीन मोबाइल फोन, एक सुसाइड नोट और एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें इस खौफनाक कदम की असल वजह छिपी थी।
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क्या है ‘कोरियन लवर गेम’? जानलेवा ब्लूप्रिंट का खुलासा
पुलिस जांच और सूत्रों के मुताबिक, तीनों बहनें ‘ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम’ की बुरी तरह आदी हो चुकी थीं। यह गेम केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित जाल की तरह काम करता है। इस गेम के एडमिनिस्ट्रेटर खुद को ‘राजसी परिवार’ (Royal Family) से जुड़ा हुआ बताते हैं और यूजर्स को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल करते हैं।
यह गेम एक ‘टारगेट गेम’ की तरह है, जिसमें खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तर पर टास्क दिए जाते हैं। सूत्रों का दावा है कि इस गेम की संरचना में कुल 50 दिन और 50 टास्क शामिल होते हैं। जैसे-जैसे खिलाड़ी अगले स्टेज पर बढ़ता है, टास्क और अधिक खतरनाक और विद्रोही स्वभाव के होते जाते हैं।
50 दिन और 50 टास्क: मासूमों को खुदकुशी तक ले जाने का सफर
इस गेम के चरणों के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक्सपर्ट्स की मानें तो गेम के टास्क इस तरह तैयार किए जाते हैं कि बच्चा धीरे-धीरे समाज और परिवार से कट जाए:
- पहला चरण (अलगाव के लिए प्रेरित करना): गेम का पहला प्रमुख टास्क यूजर को अपने परिवार से बात करना बंद करने और अकेले रहने के लिए मजबूर करना होता है।
- दूसरा चरण (विद्रोह): यदि परिवार मोबाइल छीनने की कोशिश करे या गेम खेलने से रोके, तो यूजर को टास्क के तौर पर रोना-धोना और खाना छोड़ देना होता है।
- अंतिम चरण (सेल्फ-डिस्ट्रक्शन): इस गेम के आखिरी स्टेज में सबसे खतरनाक टास्क मिलते हैं। सूत्रों के अनुसार, अंतिम टास्क के तहत यूजर को घर वालों से आखिरी बार मिलना होता है और सबके फोटो लेने होते हैं। इसके बाद घर के सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद कर खुद को खत्म करने यानी सुसाइड करने का टास्क पूरा करना होता है।
डायरी और सुसाइड नोट का ‘डार्क सीक्रेट’
पुलिस को मिली डायरी में स्पष्ट रूप से लिखा मिला है- ‘वी लव कोरियन गेम्स’ (We Love Korean Games)। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें तीनों बहनों ने अपने माता-पिता के लिए ‘सॉरी’ लिखा है।
नोट में एक बेहद डरावनी बात लिखी है: “मम्मी पापा सॉरी, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे, अब आपको पता चलेगा हम इस गेम से कितना प्यार करते थे।” यह पंक्तियां दर्शाती हैं कि गेम के एडमिनिस्ट्रेटर ने बच्चों को किस हद तक मानसिक रूप से भ्रमित कर दिया था कि उन्हें मौत में भी एक नई दुनिया नजर आने लगी थी।
कोरोना काल से शुरू हुई थी बर्बादी की इबारत
मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार के अनुसार, तीनों बेटियों को कोरोना काल और लॉकडाउन के दौरान मोबाइल गेम की लत लगी थी। घर में बंद रहने के कारण वे घंटों मोबाइल पर समय बिताने लगीं। धीरे-धीरे यह लत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। पिछले दो साल से वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं।
यह भी पढ़ें: ‘मम्मी-पापा सॉरी…’, सुसाइड नोट लिख तीन सगी बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं, गेम खेलने से मना करने पर की आत्महत्या
वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी- नहाना, खाना, सोना और गेम खेलना सब कुछ एक साथ किया करती थीं। इसी अटूट जुड़ाव और गेम की सामूहिक दीवानगी ने उन्हें एक साथ मौत के गले लगने पर मजबूर कर दिया। फिलहाल पुलिस ने तीनों मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि गेम के लॉक और उसके पीछे के असल ‘मास्टरमाइंड’ का पता लगाया जा सके।
