अब वंदे मातरम् में बाधा डालना पड़ेगा भारी! मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अमित शाह संसद में पेश करेंगे सख्त कानून
Parliament Vande Mataram Bill: केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन में बाधा डालने पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक पेश कर सकती है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Vande Mataram Bill: केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा एक अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बिल में राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने वाले व्यक्ति के लिए तीन साल तक की सजा का प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव है।
राज्यसभा में पेश करेंगे अमित शाह
प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ या राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के गायन में बाधा डालता है, उसे रोकता है या ऐसे कार्यक्रम में अशांति फैलाता है, तो उसके खिलाफ अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की कार्रवाई की जा सकेगी। खबरों के अनुसार, इस प्रस्ताव को हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है और गृह मंत्री अमित शाह इसे संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा में पेश कर सकते हैं।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन
सरकार ने मानसून सत्र की कार्यसूची में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन से संबंधित विधेयक को शामिल किया है। इस संशोधन के जरिए राष्ट्रीय गीत से जुड़े प्रावधानों को और स्पष्ट तथा प्रभावी बनाने का प्रस्ताव है।
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मानसून सत्र में आएंगे कई अहम बिल
सरकार ने मानसून सत्र के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सूचीबद्ध किया है। इनमें राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन विधेयक, भारत के संप्रभु ऋण (Sovereign Debt) बाजार को मजबूत बनाने संबंधी विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्त प्रावधान वाला संशोधन विधेयक और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में संशोधन संबंधी विधेयक शामिल है। इन विधेयकों पर संसद के मानसून सत्र के दौरान चर्चा और पारित कराने की सरकार की योजना है।
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बता दें कि मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक पर नया मसौदा पेश करने की चर्चा चल रही है। इस पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। सरकार इस मानसून सत्र में 5 नए विधेयकों पर चर्चा कर सकती है। तो वहीं दो पुराने विधेयकों को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
