उत्तरकाशी में रिस्क वाला रेस्क्यू, प्रशासन की कड़ी परीक्षा; त्रासदी का असर केरल तक
Uttarkashi में बादल फटने से हुए दो भूस्खलनों में लोगों की मौतें और सैकड़ो लापता होने की सूचना सामने आने के बाद बचाव अभियान लगातार चल रहा है। प्रशानस के लिए यह आपदा का प्रबंधन करना असली परीक्षा है।
- Written By: सौरभ शर्मा
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में तबाही के मंजर (फोटो- सोशल मीडिया)
Uttarkashi Cloudburst News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को बादल फटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से पूरा धराली गांव तबाह हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि की जा रही है, वहीं केरल से आए 28 पर्यटक लापता है जिनका कोई भी सुराग नहीं लग पा रहा है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन प्रतिकूल मौसम और नेटवर्क की कमी से रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौती और भी बड़ी हो गई है। धराली गांव, जो गंगोत्री जाने वाले रास्ते में स्थित है, अब मलबे का ढेर बन चुका है।
धराली और सुखी टॉप क्षेत्र में बादल फटने की दो घटनाओं ने तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ से कई होमस्टे, होटल और दुकानें इस भयंकर तबाही में बह गईं। सैंकड़ो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जिसमें रिपोर्ट के मुताबिक बात सामने आ रही है कि अभी तक कुल 400 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, वही सैंकड़ो से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वही चिंता उन 28 पर्यटकों की भी है जो केरल से उत्तरकाशी घूमने आए थे और घटना के बाद से उनका कोई भी अता-पता नहीं है।
केरल के 28 पर्यटकों का कोई सुराग नहीं, परिजन कर रहे हैं इंतजार
पर्यंटको के परिजनों के मुताबिक, पर्यटक समूह मंगलवार सुबह उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए रवाना हुआ था। उसके बाद से उनका संपर्क नहीं हो सका। ट्रैवल एजेंसी, जिसने इस 10 दिवसीय टूर का आयोजन किया था, भी उनकी जानकारी नहीं दे पा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल नेटवर्क ठप होने और बैटरी खत्म हो जाने के चलते संपर्क असंभव हो गया है। इस त्रासदी में सेना का एक जेसीओ और 8 जवान भी लापता हैं।
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आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना संयुक्त रूप से बचाव कार्य में जुटी हैं। सेना ने राहत के लिए 150 जवान, ड्रोन, ट्रैकर डॉग और हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। अब तक मलबे से दो शव निकाले जा चुके हैं। हालात बेहद गंभीर हैं और धराली पूरी तरह उत्तर और दक्षिण दोनों ओर से कट चुका है।
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PM मोदी से उत्तराखंड के सांसदों ने की मुलाकात, हरसंभव मदद का आश्वासन
बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के सांसदों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी धराली क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया और कहा, “हम हर प्रभावित व्यक्ति तक जल्द से जल्द राहत पहुंचा रहे हैं।” बारिश के बीच बुधवार को लापता लोगों की खोज फिर से शुरू की गई। दो शव धराली से बरामद हुए हैं और दर्जनों लोगों की तलाश अभी बाकी है। उत्तरकाशी की यह आपदा राज्य में आपदा प्रबंधन की असली परीक्षा बन गई है।
