तेलंगाना में दो पुलिस कर्मियों ने की आत्महत्या, वजह तलाशने के लिए जांच में जुटी पुलिस
तेलंगाना के महबूबाबाद और भद्राद्री कोठागुडम जिलों में दो पुलिस कांस्टेबलों द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने की घटनाओं ने राज्य में सनसनी फैला दी है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
Suicide | Representational Image
हैदराबाद : तेलंगाना के महबूबाबाद और भद्राद्री कोठागुडम जिलों में दो पुलिस कांस्टेबलों द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने की घटनाओं ने राज्य में सनसनी फैला दी है। रविवार यानी 13 अक्टूबर को पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। इन दोनों घटनाओं के पीछे के क्या कारण है इसकी जांच की जा रही है।
पहली घटना महबूबाबाद जिले की है, जहां सशस्त्र रिजर्व के हेड कांस्टेबल गुडीबोइना श्रीनिवास (59) ने अपनी जान ली। श्रीनिवास महबूबाबाद के एकीकृत जिला कार्यालय परिसर (आईडीओसी) के स्ट्रांग रूम में ड्यूटी पर तैनात थे, जहां उन्होंने रविवार शाम खुद को गोली मार ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए गहराई से जांच की जा रही है। हेड कांस्टेबल के आत्महत्या करने के कारणों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की जांच जारी है ताकि किसी प्रकार की चूक या दबाव का पता लगाया जा सके।
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दूसरी घटना भद्राद्री कोठागुडम जिले में हुई, जहां पुलिस कांस्टेबल बी. सागर ने आत्महत्या का प्रयास किया और इलाज के दौरान रविवार को हैदराबाद के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। सागर पर गांजा तस्करी में मदद करने का आरोप था और इस वजह से उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एक आरोपी ने जनवरी में गांजा तस्करी के दौरान सागर का नाम लिया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, उनका निलंबन हाल ही में रद्द कर दिया गया था और वह मार्च में जेल से रिहा हुए थे।
कांस्टेबल बी. सागर ने मरने से पहले एक ‘सेल्फी-वीडियो’ रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में सागर ने आरोप लगाया कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने में दो उपनिरीक्षकों की भूमिका है। उनका दावा था कि उपनिरीक्षकों ने उनके मोबाइल फोन से गांजा मामले के आरोपियों को 140 से अधिक बार कॉल किया था, जिससे उन्हें इस मामले में फंसाया गया।
सागर को शनिवार को खम्मम जिले में आत्महत्या का प्रयास करने के बाद खम्मम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उन्हें हैदराबाद के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं, और इन आत्महत्याओं के पीछे छिपे कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन घटनाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि सही तथ्यों का खुलासा हो सके और किसी भी प्रकार की साजिश या दबाव की जांच की जा सके।
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