'राहुल गांधी को बीच चौराहे फांसी...', BRS नेता का विवादित बयान; CM रेवंत रेड्डी पर भी कड़ा प्रहार

KT Rama Rao: विधानसभा में राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए केटीआर ने मुख्यमंत्री की सिंचाई और नदी जल संबंधी समझ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार के कामकाज को लेकर भी हमला बोला था।
Rahul Gandhi And KT Rama Rao
राहुल गांधी और केटी रामा राव, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

KT Rama Rao On Rahul Gandhi: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता और पूर्व मंत्री के.टी. रामाराव (KTR) ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर विवादित टिप्पणी की। केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2 लाख नौकरियों का वादा किया था, किसानों के लिए कर्ज माफी और पिछड़े वर्गों (BC) के लिए आरक्षण देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।

अपने बयान में केटीआर ने कहा कि राहुल गांधी को अशोक नगर के चौराहे पर फांसी देनी चाहिए क्योंकि उन्होंने 2 लाख नौकरियों का वादा किया और पूरा नहीं किया। किसानों के कर्ज माफी के वादे पर उन्हें वारंगल में फांसी देनी चाहिए।

'कांग्रेस को 420 बार फांसी देनी पड़ेगी'

बीआरएस नेता ने अपने बयान में आगे कहा कि बीसी आरक्षण के वादे पर राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को कमारेड्डी में फांसी देनी चाहिए। अगर हर अधूरे वादे पर फांसी दी जाए, तो कांग्रेस को 420 बार फांसी देनी पड़ेगी। केटीआर के बयान ने राज्य की राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। गौरतलब है कि तेलंगाना में कांग्रेस ने केसीआर की भारत राष्ट्र समिति को चुनाव में हराकर जीत दर्ज की थी। चुनाव के बाद से ही बीआरएस पार्टी के तमाम नेता लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। हालिया मामला ने राज्य के सियासी गलियारे में हलचल तेज कर दी है।

तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस पर हमला

गौरतलब है कि अभी तेलंगाना में विधानसभा का सत्र चल रहा है। विधानसभा में राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए केटीआर ने मुख्यमंत्री की सिंचाई और नदी जल संबंधी समझ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया था कि भाखड़ा नांगल परियोजना तेलंगाना में स्थित है, जबकि वास्तव में वह हिमाचल प्रदेश में है। केटीआर ने तंज कसते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री बुनियादी नदी बेसिन तक नहीं जानते, वे हमें सिंचाई पर उपदेश देना चाहते हैं?

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com